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एलन मस्क की बढ़ीं मुश्किलें! पूर्व CEO पराग अग्रवाल को मिली मुकदमा चलाने अनुमति

Parag Agrawal Vs Elon Musk: मस्क ने ट्विटर खरीदने के बाद ही कई टॉप लीडर्स और कई कर्मचारियों को कंपनी ने निकाल दिया था। इसके बाद से ही मस्क ट्विटर के हजारों कर्मचारियों द्वारा बकाया वेतन के लिए कानूनी दावों से लड़ रहे हैं। पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल सहित पूर्व ट्विटर अधिकारियों ने भी मस्क पर सेवरेंस लाभ और अधिग्रहण मूल्य नहीं देने का आरोप लगाता है।

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Parag Agrawal Vs Elon Musk

Parag Agrawal Vs Elon Musk: एक्स (पहले ट्विटर) के मालिक एलन मस्क की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका में कैलिफोर्निया के एक जिला न्यायालय के न्यायाधीश ने पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल सहित पूर्व ट्विटर अधिकारियों को एलन मस्क के खिलाफ सेवरेंस पे (निकासी वेतन) के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। बता दें कि अग्रवाल, पूर्व सीएफओ नेड सेगल, पूर्व कानूनी और नीति प्रमुख विजया गद्दे और कंपनी के पूर्व जनरल काउंसल सीन एडगेट ने मुकदमा दायर किया है।

एलन मस्क की मुश्किलें बढ़ी

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल सहित पूर्व ट्विटर अधिकारियों को एलन मस्क के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मिल गई है। कैलिफोर्निया की जिला अदालत के न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि बर्खास्त किए गए ट्विटर अधिकारी मस्क पर उनके सेवरेंस पे में धोखाधड़ी करने का मुकदमा कर सकते हैं।

बता दें कि 2022 में माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफार्म के अधिग्रहण के दौरान उन्हें निकाल दिया था, बिना उन्हें इस्तीफा देने का मौका दिए। उन्होंने मस्क पर आरोप लगाया है कि उन्हें एक साल की सैलरी के बराबर सेवरेंस लाभ और अधिग्रहण मूल्य पर मूल्यांकित अनवेस्टेड स्टॉक दिया जाना चाहिए था।

ट्विटर अधिग्रहण के बाद से मुश्किलों में हैं मस्क

मस्क ने ट्विटर खरीदने के बाद ही कई टॉप लीडर्स और कई कर्मचारियों को कंपनी ने निकाल दिया था। इसके बाद से ही मस्क ट्विटर के हजारों कर्मचारियों द्वारा बकाया वेतन के लिए कानूनी दावों से लड़ रहे हैं। जुलाई में, मस्क और एक्स कॉर्प एक मुकदमा हार गए थे जिसमें आरोप लगाया गया था कि संघीय कर्मचारी सेवानिवृत्ति आय सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत लगभग 6,000 बर्खास्त कर्मचारियों को कम से कम 500 मिलियन डॉलर का निकासी वेतन दिया जाना था।

अग्रवाल के मुकदमे को जज ने सही ठहराया

यूएस डिस्ट्रिक्ट जज मैक्सिन चेसनी ने शुक्रवार को मस्क के वकीलों की दलीलों को खारिज कर दिया कि अग्रवाल के दावों को खारिज कर दिया जाना चाहिए। अग्रवाल के साथ मुकदमे में विजया गड्डे (पूर्व कानूनी और नीति प्रमुख), नेड सेगल (एक्स CFO) और पूर्व जनरल काउंसल सीन एडगेट शामिल हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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