Electronics Manufacturing Sector: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव एस कृष्णन ने शनिवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री विश्व स्तर पर और भारत में सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बनने की ओर अग्रसर है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तमिलनाडु का ‘इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में देश के अग्रणी के रूप में उभर रहा है।
कृष्णन ने यह बात अनुबंध निर्माण कंपनी जेटवर्क इलेक्ट्रॉनिक्स के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन के अवसर पर कही। संयंत्र का उद्घाटन केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया। श्रीपेरंबदूर में आयोजित इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा, जेटवर्क के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक अमृत आचार्य और इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस के अध्यक्ष जोश फॉल्गर ने भाग लिया। कृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में सालाना 500 अरब डॉलर का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की पूर्ण भागीदारी के बिना इस लक्ष्य तक पहुंचना ‘बहुत मुश्किल’ होगा। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस लक्ष्य का लगभग 20 प्रतिशत या एक चौथाई हिस्सा इस क्षेत्र में उत्पादन के माध्यम से पूरा किया जाना आवश्यक होगा। मैन्युफैक्चरिंग में लगे हाई क्वालिटी वाले मानव संसाधनों को देखते हुए, कई इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यहां अपना आधार स्थापित करने के इच्छुक हैं।”
उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में उद्योगों को आकर्षित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक मानव संसाधनों की गुणवत्ता और परिचालन का विस्तार करने तथा वैश्विक स्तर पर निर्यात करने में निर्माताओं का समर्थन करने की उनकी क्षमता है। यह तमिलनाडु की उपलब्धियों में एक और उपलब्धि है।” कृष्णन ने कहा कि यह कारखाना, जो देश में जेटवर्क इलेक्ट्रॉनिक्स का सातवां कारखाना है, राज्य के लिए एक और उपलब्धि है।
इनपुट- भाषा
