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कॉपीराइट उल्लंघन पर ANI के साथ आए कई मीडिया ग्रुप्स, OpenAI की बढ़ेंगी मुश्किलें

OpenAI Copyright Case: डीएनपीए ने तर्क दिया कि ओपनएआई जैसी कंपनियों ने बिना लाइसेंस या अनुमति के, कॉपीराइट-संरक्षित कार्यों सहित, बहुत अधिक मात्रा में टेक्स्ट पर "'ट्रेनिंग" देकर बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) डेवलप किए हैं। बता दें कि ओपनएआई पर अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय कॉपीराइट कंटेंट का अवैध रूप से उपयोग करने का आरोप है।

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OpenAI Copyright Content Case

Photo : Twitter

OpenAI Copyright Content Case: डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने दिल्ली हाई कोर्ट में ओपनएआई के खिलाफ न्यूज एजेंसी ANI के मुकदमे में शामिल होने का फैसला किया है। बता दें कि हाल ही में न्यूज एजेंसी एएनआई ने ओपनएआई के खिलाफ कॉपीराइट कंटेंट का आरोप लगाया है और मुकदमा दायर किया है। एएनआई ने ओपनएआई पर आरोप लगाए हैं कि एआई कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग के लिए अपने कॉपीराइट कंटेंट का उपयोग किया है।

ANI के साथ आया DNPA, OpenAI की बढ़ेंगी मुश्किलें

दिल्ली हाई कोर्ट में ओपनएआई के खिलाफ न्यूज एजेंसी ANI के मुकदमे में अब DNPA और इसके मेंबर्स भी ANI के पक्ष में आ गए हैं। इस आवेदन में प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों में दैनिक भास्कर, इंडियन एक्सप्रेस, मलयाला मनोरमा, ईटीवी, इंडिया टुडे ग्रुप, अमर उजाला, हिंदुस्तान टाइम्स, ज़ी मीडिया, एबीपी नेटवर्क, लोकमत, एनडीटीवी, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, मातृभूमि, द हिंदू, नेटवर्क 18, इंडिया टीवी और डेक्कन हेराल्ड जैसे मीडिया समूह शामिल हैं।

डीएनपीए ने तर्क दिया कि ओपनएआई जैसी कंपनियों ने बिना लाइसेंस या अनुमति के, कॉपीराइट-संरक्षित कार्यों सहित, बहुत अधिक मात्रा में टेक्स्ट पर "'ट्रेनिंग" देकर बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) डेवलप किए हैं। डीएनपीए ने एक बयान में कहा, "कॉपीराइट कंटेंट का यह गैरकानूनी उपयोग विशेष रूप से ओपनएआई और उसके निवेशकों को लाभ पहुंचाता है, जो भारत में पूरी इंडस्ट्री में क्रिएटिव वर्क्स के लिए नुकसानदेह है।"

OpenAI पर क्या है आरोप?

यह हस्तक्षेप पिछले साल एएनआई द्वारा जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनी ओपनएआई के खिलाफ दायर किए गए मामले का हिस्सा है , जिसमें ओपनएआई पर अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए भारतीय कॉपीराइट कंटेंट का अवैध रूप से उपयोग करने का आरोप लगाया गया है।

एएनआई की यह आरोप संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत सहित कई अधिकार क्षेत्रों में न्यूज पब्लिशर्स के बढ़ते संदेह के बीच आया है, जिसमें कॉपीराइट कंटेंट, जैसे कि न्यूज रिपोर्ट, का उपयोग ओपनएआई के चैटजीपीटी को बिना अनुमति या भुगतान के ट्रैंड करने के लिए इस्तेमाल किया गया है।

OpenAI ने आरोपों का था किया खंडन

एएनआई के कॉपीराइट उल्लंघन का ओपनएआई ने खंडन किया। ओपन एआई के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने न्यायमूर्ति अमित बंसल की अदालत को बताया था कि सितंबर में एएनआई मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी को जारी किए गए कानूनी नोटिस के बाद, अक्टूबर 2024 तक, ओएआई ने एएनआई के डोमेन को ब्लॉक कर दिया है। इसका मतलब यह है कि यह अपने बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) को ट्रेंड करने के लिए डोमेन के कंटेंट का इस्तेमाल नहीं कर रहा है।

ओपनएआई ने बताया कैसे काम करता है AI टूल

ANI के आरोप पर सिब्बल ने एआई टूल के काम करने के तरीके के बारे में बताया। उन्होंने तर्क दिया, "यह मॉडल इस तरह से काम करता है, जब कोई प्रश्न किया जाता है, तो सॉफ्टवेयर कई सारे सोर्स से इंफॉर्मेशन पढ़ता है लेकिन डेटाबेस तक नहीं पहुंचता है।" उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि एएनआई की जानकारी डेटाबेस पर स्टोर है।
Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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