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DeepSeek AI का डेटा लीक! रिसर्च फर्म का दावा: चैट हिस्ट्री और जरूरी जानकारियां हुईं उजागर

DeepSeek AI Data Leak: चीनी स्टार्टअप DeepSeek पर आरोप है कि उसने कुछ डेटा को पब्लिक एक्सेस के लिए छोड़ दिया है, जिससे कोई भी व्यक्ति इसे देख सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 लाख से अधिक डेटा एंट्रीज लीक हो चुकी हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस डेटा में किन देशों के यूजर्स की जानकारी शामिल है।

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DeepSeek AI

DeepSeek AI Data Leak: हाल ही में लोकप्रिय हुए चाइनीज एआई DeepSeek को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि DeepSeek का डेटा लीक हो गया है, जिसमें करीब 10 लाख यूजर्स की संवेदनशील जानकारी शामिल है। इस लीक में यूजर्स की चैट हिस्ट्री समेत कई अन्य महत्वपूर्ण डिटेल्स मौजूद हैं, जिससे कई लोगों की प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।

DeepSeek AI का डेटा लीक: क्या है पूरा मामला?

DeepSeek अपने लॉन्च के साथ ही चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में इसे इटली और आयरलैंड ने बैन किया है। शुरुआत से ही यह सवाल उठता रहा है कि क्या चीनी स्टार्टअप्स का डेटा सुरक्षित रहता है? अब Wiz Research के सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने दावा किया है कि DeepSeek का डेटा लीक हो चुका है। इस लीक डेटाबेस में कई संवेदनशील जानकारियां मौजूद हैं, जिनमें चैट हिस्ट्री, सीक्रेट कीज और अन्य निजी डेटा शामिल हैं।

DeepSeek पर लगे गंभीर आरोप

चीनी स्टार्टअप DeepSeek पर आरोप है कि उसने कुछ डेटा को पब्लिक एक्सेस के लिए छोड़ दिया है, जिससे कोई भी व्यक्ति इसे देख सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1 लाख से अधिक डेटा एंट्रीज लीक हो चुकी हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस डेटा में किन देशों के यूजर्स की जानकारी शामिल है।

कैसे हुआ डेटा लीक का खुलासा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने DeepSeek के डेटाबेस को स्कैन किया, तो उन्हें इस लीक का पता चला। उन्होंने पाया कि इस डेटाबेस में लगभग 1 मिलियन लॉग एंट्रीज मौजूद हैं, जिनमें यूजर्स की चैट हिस्ट्री, इंटरैक्शन डिटेल्स और API keys जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल थी। रिसर्चर्स का दावा है कि इस डेटाबेस पर फुल एडमिनिस्ट्रेशन कंट्रोल भी मौजूद था, जिसका अर्थ यह है कि कोई भी अटैकर न सिर्फ इस डेटा को एक्सेस कर सकता था, बल्कि इसे मॉडिफाई या डिलीट भी कर सकता था। यह किसी भी प्लेटफॉर्म के लिए एक गंभीर सुरक्षा जोखिम हो सकता है।

आसान एक्सेस के चलते बढ़ी चिंता

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लीक हुआ डेटाबेस ClickHouse प्लेटफॉर्म पर पाया गया है, जिसका इस्तेमाल बड़े डेटा सेट्स को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। यह डेटाबेस बिना किसी परेशानी के एक्सेस किया जा सकता है, जिससे डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

क्या है DeepSeek R1?

DeepSeek एक चीनी स्टार्टअप है, जिसने हाल ही में DeepSeek R1 को लॉन्च किया है। DeepSeek R1 एक एडवांस रीजनिंग मॉडल है, जिसे ऑगमेंटेड रीजनिंग और एनालिटिकल कैपेबिलिटी के लिए डिजाइन किया गया है। यह मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन अब इस डेटा लीक के बाद DeepSeek की सुरक्षा प्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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