Monsoon 2026 : देशभर में मॉनसूनी बारिश से कहीं गर्मी से राहत है तो कहीं विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से भारी तबाही मची है। आईएमडी ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में बारिश जनित घटनाओं ने अब तक सात लोगों की जान ले ली है और लगभग 1.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, दक्षिण गुजरात के वलसाड में महज 10 घंटों में हुई 243 मिमी मूसलाधार बारिश से सड़कों का संपर्क टूट गया है और 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है। उधर, जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने 23 लोगों की जान ले ली है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। विभिन्न राज्यों में बिजली, सड़क और बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान के बीच प्रशासन प्रभावित इलाकों में बहाली के काम में जुटा है।
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबाही
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं के बाद फिर से बारिश होने की आशंका है क्योंकि मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को पूर्वी कामेंग, अंजाव, तिरप और लोंगडिंग जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वोत्तर राज्य के 25 जिलों में बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, 29 लोग घायल हुए हैं और 1,49,378 लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को पूर्वी कामेंग में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ भारी बारिश होने की आशंका है। विभाग ने बताया कि इसके अलावा अंजाव, तिरप और लोंगडिंग जिलों में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रभावित ज़िलों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका है। राज्य के कई अन्य हिस्सों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है, जिनमें तवांग, पश्चिम कामेंग, कुरुंग कुमे, अपर सुबनसिरी, कामले, क्रा दादी, लोअर सुबनसिरी, पापुम पारे, पाक्के-केसांग, पश्चिम सियांग, लेपाराडा, लोअर सियांग, शि-योमी, दिबांग वैली, लोहित, नामसाई और चांगलांग शामिल हैं। शुक्रवार को अंजाव में भारी बारिश का अलर्ट जारी रहेगा, जबकि लोअर सियांग और पापुम पारे में स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
गुजरात में बारिश से तबाही
गुजरात के वलसाड में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर में बुधवार को सिर्फ 10 घंटे में 243 मिमी बारिश दर्ज की गई जिसके बाद अधिकारियों को प्रभावित 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि हालात को देखते हुए शहर के स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई। साथ ही जिले की 325 से अधिक सड़कें भी बंद कर दी गई हैं।
वलसाड के कलेक्टर नितिन सांगवान ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भारी बारिश के कारण वलसाड शहर के कई निचले इलाकों और जिले के गांवों में जलभराव हो गया। गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने बताया कि वलसाड शहर में बुधवार सुबह छह बजे से शाम चार बजे के बीच 243 मिमी बारिश हुई। केंद्र ने बताया कि इसी दौरान वलसाड के उमरगाम में 214 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद जिले के पारडी (207 मिमी), नवसारी जिले के खेरगाम (172 मिमी) और सूरत जिले के पलसाना (153 मिमी) में बारिश हुई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वलसाड के कपराडा तालुका में पिछले 24 घंटे में 397 मिमी बारिश हुई, इसके बाद जिले के नानापोंधा (280 मिमी) और पारडी (238 मिमी) में बारिश दर्ज की गई।
कलेक्टर सांगवान ने कहा, ’’वलसाड शहर के कश्मीर नगर इलाके से, जो औरंगा नदी के किनारे निचले क्षेत्र में बसा एक रिहायशी इलाका है, कम से कम 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।’’ उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। वलसाड में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की एक-एक टीम बचाव कार्य में जुटी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तरी गुजरात में बृहस्पतिवार को भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।
जम्मू-कश्मीर में तबाही
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को बारिश से प्रभावित इस केंद्र प्रशासित प्रदेश के इलाकों में सरकार द्वारा किए गए राहत कार्यों की समीक्षा की। रविवार से पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई है और सात लोग लापता हैं। वहीं, लंबे समय तक हुई भारी बारिश से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है, सड़कें और पुल बह गए हैं तथा कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आवश्यक सेवाओं की बहाली, सड़क संपर्क, राहत कार्यों और जिलेवार तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रभावित इलाकों में आज शाम तक बिजली आपूर्ति काफी हद तक बहाल होने की उम्मीद है।
अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, बहाली के कामों में तेजी लाने, जरूरी सामान की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करने और संवेदनशील इलाकों में अनाज एवं अन्य आवश्यक चीजों का पहले से इंतजाम करने का निर्देश दिया है।
राजस्थान दक्षिण पश्चिम मानसून सक्रिय
राजस्थान के कई हिस्सों में दक्षिण पश्चिम मानसून के दोबारा सक्रिय होने से बुधवार को भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा और आने वाले दो-तीन दिन में कई जगह मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अनुसार बुधवार दिन में अजमेर में 39.6 मिलीमीटर, डूंगरपुर में 24.5 मिमी, अलवर में 19.6 मिमी, गंगानगर में 14 मिमी, दौसा में 13 मिमी व जैसलमेर में 10.2 मिमी बारिश हुई। कई अन्य जगहों पर भी हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आगामी चार-पांच दिन मानसून सक्रिय रहेगा इससे दक्षिणी व दक्षिण पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी व अतिभारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम केंद्र ने बताया कि बुधवार को एक ऊपरी परिसंचरण तंत्र मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों व आसपास के क्षेत्र के ऊपर अवस्थित था। ’मानसून ट्रफ लाइन’ बुधवार को बीकानेर, वनस्थली व गुना से होकर गुजर रही है तथा सक्रिय है। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश भागों में आगामी चार-पांच दिन मानसून सक्रिय रहने की पूरी संभावना है। अजमेर, कोटा, जोधपुर व उदयपुर संभाग में 23-25 जुलाई के दौरान मध्यम से भारी बारिश व कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश होगी।
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ का खतरा
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में रातभर हुई बारिश के कारण 12 और मकान क्षतिग्रस्त हो गए तथा तीन लोग घायल हो गए। इसके साथ ही घाटी में क्षतिग्रस्त मकानों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो गई है। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश में छह मकान बह गए थे। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक निम्न से मध्यम स्तर की बाढ़ आने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को घाटी के सपेड़ी और गरून गांवों में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और भारी मात्रा में मलबा बहकर आ गया। लाम गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों को जाने वाले कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बारिश से 13 पक्के और पांच कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं तथा तीन लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा नौ गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस आपदा में तीन भैंस, चार गाय, एक बैल और एक भेड़ की मौत हो गई।
शिमला मौसम केंद्र ने बुधवार के लिए कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ’ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। वहीं, चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर ’येलो’ अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक निम्न से मध्यम स्तर की बाढ़ आ सकती है। मौसम केंद्र ने कहा कि बारिश का दौर 27 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि डिब्बा और मनेड़ नाला क्षेत्रों में भी भूस्खलन हुआ है, जिससे बचाव दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आपदा प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
मध्य प्रदेश में मॉनसूनी बारिश से हालत पतली
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव और व्यापक वर्षा से मौसम का मिजाज बदला है, राज्य के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश हो रही है । मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर मजबूती से वापसी की है। पूरा प्रदेश एक सक्रिय मानसूनी प्रणाली के प्रभाव में है। वातावरण में अत्यधिक नमी, दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का सतत प्रवाह, कम वायुदाब तथा व्यापक बादल छाए रहने से अधिकांश जिलों में वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भी अगले 24–48 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार बादल और वर्षा के कारण रात्रि का तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहा, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तापमान सामान्य सीमा में बना रहा। इससे सुबह का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा, सुहावना और आरामदायक रहा। बीते 12 घंटों के दौरान प्रदेश के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हुई। भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, बैतूल तथा आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहीं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24–48 घंटों में पश्चिम एवं पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना है।
