टेक एंड गैजेट्स

TSMC बढ़ाएगी चिप प्रोडक्शन की कीमतें, 2027 में महंगे हो सकते हैं iPhone, Android फोन और लैपटॉप

TSMC की संभावित प्राइस बढ़ोतरी वैश्विक टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकती है, क्योंकि दुनिया की अधिकांश प्रमुख टेक कंपनियां इसी कंपनी से चिप्स बनवाती हैं, इसलिए यदि निर्माण लागत बढ़ती है तो उसका असर नए स्मार्टफोन, AI हार्डवेयर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

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Apple, Nvidia और Qualcomm जैसी कंपनियों पर पड़ेगा असर

दुनियाभर की टेक कंपनियां पहले से ही बढ़ती सेमीकंडक्टर और मेमोरी लागत के दबाव का सामना कर रही हैं। अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता कंपनी TSMC (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) अगले साल यानी 2027 से अपनी चिप निर्माण सेवाओं की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसका असर Apple, Nvidia, Qualcomm और MediaTek जैसी बड़ी कंपनियों पर पड़ सकता है, जिसका बोझ आखिरकार ग्राहकों की जेब पर भी पड़ने की संभावना है।

2027 से 10% तक महंगी हो सकती है चिप मैन्युफैक्चरिंग

Nikkei Asia की रिपोर्ट के मुताबिक, TSMC 2027 से अपने एडवांस और मैच्योर दोनों तरह के चिप निर्माण प्रोसेस की कीमतों में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती है। कंपनी का उद्देश्य कच्चे माल, अत्याधुनिक मशीनों और विदेशों में नए चिप प्लांट स्थापित करने की बढ़ती लागत की भरपाई करना है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने इस संबंध में अपने प्रमुख ग्राहकों के साथ जून में बातचीत शुरू की थी, जो जुलाई में पूरी हुई।

इन प्रोसेस नोड्स पर बढ़ सकती हैं कीमतें

रिपोर्ट के मुताबिक, TSMC अपने 28nm, 16nm, 12nm और 6nm प्रोसेस नोड्स पर बनने वाली चिप्स की कीमत बढ़ा सकती है। इनमें से 6nm प्रोसेस पर तैयार होने वाली चिप्स की मैन्युफैक्चरिंग लागत में भी अगले साल 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर कीमतों की पुष्टि नहीं की है। TSMC के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी की प्राइसिंग स्ट्रैटेजी रणनीतिक है, अवसरवादी नहीं और वह ग्राहकों के साथ मिलकर काम करती रहेगी।

Apple, Nvidia और Qualcomm जैसी कंपनियों पर पड़ेगा असर

TSMC दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के लिए चिप्स तैयार करती है। इनमें Apple, Nvidia, Qualcomm, Broadcom, MediaTek और Intel जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। ऐसे में यदि चिप निर्माण महंगा होता है, तो आने वाले स्मार्टफोन प्रोसेसर, AI चिप्स और अन्य हार्डवेयर की लागत भी बढ़ सकती है। इसका सीधा असर स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।

AI चिप्स की बढ़ती मांग भी बनी वजह

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के लिए इस्तेमाल होने वाली हाई-परफॉर्मेंस चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से सेमीकंडक्टर उद्योग पर उत्पादन बढ़ाने का दबाव है, जबकि नई फैक्ट्रियां स्थापित करने और आधुनिक उपकरणों की लागत लगातार बढ़ रही है।

भारत में पहले ही बढ़ चुके हैं स्मार्टफोन के दाम

हाल के महीनों में कई स्मार्टफोन कंपनियां मेमोरी और चिप की बढ़ती लागत के कारण अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। इसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला है। मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घट गई। पिछले छह वर्षों में जून तिमाही के दौरान यह सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी प्रमुख वजह मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतें और कमजोर उपभोक्ता मांग रही।

ग्राहकों पर बढ़ सकता है खर्च

यदि TSMC अगले साल अपनी कीमतों में बढ़ोतरी करती है, तो टेक कंपनियां इस अतिरिक्त लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल सकती हैं। ऐसे में 2027 में लॉन्च होने वाले कई स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मौजूदा मॉडलों की तुलना में महंगे हो सकते हैं।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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