स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा बन चुका है। डेली रूटीन के कई सारे काम अब स्मार्टफोन पर ही निर्भर हो चुके हैं। नया स्मार्टफोन खरीदते समय सबसे ज्यादा चर्जा बजट की ही होती है। जब भी नया फोन खरीदने की बात आती है, बजट पर सबसे ज्यादा चर्चा होती है। भारतीय बाजार में ज्यादातर लोगों का झुकाव 10,000 से 20,000 रुपये के बजट सेगमेंट की तरफ होता है। खरीदारी के समय तो यह बजट काफी किफायती लगता है लेकिन भविष्य में इसके कुछ नुकसान भी हैं।
क्या आप जानते हैं कि हर दूसरे-तीसरे साल 15 हजार का फोन बदलने से बेहतर, एक बार में एक महंगा प्रीमियम फोन (Flagship Phone) खरीदना। एक महंगा स्मार्टफोन आपको लंबे समय में कई सारे फायदे देने वाला है। भले ही आपको यह पहली थोड़ा महंगा लगे लेकिन महंगे फोन की डील आपको पैसा वसूल साबित होगा। आइए आपको डिटेल में बताते हैं कि एक प्रीमियम फोन पर किया गया खर्च, आपके बजट फोन के मुकाबले एक बेहतर निवेश है।
लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट' और पैसों की बचत
अक्सर लोग सोचते हैं कि 15,000 रुपये का फोन लेकर उन्होंने पैसे बचा लिए। लेकिन बजट फोंस की लाइफ आमतौर पर 2 साल से ज्यादा नहीं होती। दो साल बाद फोन हैंग होने लगता है, बैटरी भी तेजी से खत्म होने लगती है और कैमरा भी आउटडेटेड हो जाता है। यानी 6 साल में आप तीन बार फोन बदलेंगे और लगभग 45,000 से 50,000 रुपये खर्च कर देंगे।
वहीं अगर आप एक बार 40 से 60 हजार रुपये के बीच का कोई प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदते हैं तो आप उस फोन को बड़े ही आराम से 6 से 7 साल तक बिना किसी शिकायत के चला सकते हैं। प्रीमियम स्मार्टफोन्स में आपको बड़े ही आराम से कई सालों के लिए एंड्रॉयड और सिक्योरिटी अपडेट्स भी मिल जाते हैं। इसका मतलब है कि आपका महंगा फोन 6 साल बाद भी उतना ही सुरक्षित और सॉफ्टवेयर के मामले में नया रहेगा, जितना पहले दिन था।
ऑन-डिवाइस AI और नेक्स्ट-जेन परफॉर्मेंस
आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। महंगे प्रीमियम फोंस में मिलने वाले प्रोसेसर (जैसे Apple A-सीरीज, Snapdragon 8 सीरीज) सिर्फ गेमिंग के लिए नहीं बने होते। इनके अंदर एडवांस NPU (Neural Processing Unit) होता है, जो लाइव ट्रांसलेशन, फोटो-वीडियो से ऑब्जेक्ट हटाना (AI मैजिक इरेजर), और ऑन-डिवाइस प्राइवेसी जैसे कई सारे शानदार AI फीचर्स को आसानी से हैंडल करता है।
लो बजट और मिड रेंज सेगमेंट में आने वाले 10-20 हजार के फोन में मिलने वाले प्रोसेसर इन फीचर्स को सपोर्ट नहीं कर पाते, जिससे वे बहुत जल्दी आउटडेटेड हो जाते हैं। पैसा खर्च करने के बाद भी आपको सस्ते फोन में कई सारी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
बेहतरीन कैमरा क्वालिटी
बजट स्मार्टफोन में अक्सर 50MP या 108MP का कैमरा दिखाकर ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है, लेकिन असलियत उनके सेंसर और इमेज प्रोसेसिंग में छिपी होती है। प्रीमियम स्मार्टफो में बडे़ सोनी या सैमसंग के सेंसर्स और Optical Image Stabilization (OIS) होता है। इससे रात के अंधेरे (Low Light) में भी शानदार तस्वीरें आती हैं और वीडियो बनाते समय हाथ हिलने पर भी फुटेज बिल्कुल स्टेबल रहती है।सिनेमैटिक वीडियो: अगर आप रील्स, व्लॉग्स या कंटेंट क्रिएशन करते हैं, तो प्रीमियम फोन का 4K/8K वीडियो रिकॉर्डिंग और क्रिस्प ऑडियो क्वालिटी बजट फोन के मुकाबले जमीन-आसमान का अंतर पैदा करती है।
प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी
सस्ते फोंस में लागत कम करने के लिए प्लास्टिक बॉडी (Polycarbonate) और साधारण ग्लास का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, प्रीमियम फोंस की बिल्ड क्वालिटी बेजोड़ होती है:मजबूत फ्रेम: इनमें सर्जिकल-ग्रेड स्टेनलेस स्टील, टाइटेनियम या एरोस्पेस-ग्रेड एल्युमिनियम का इस्तेमाल होता है। जिसकी वजह से फ्रेम सस्ते फोन की तुलना में काफी ज्यादा मजबूत होता है। महंगे स्मार्टफोन की स्क्रीन की सुरक्षा के लिए Ceramic Shield या Gorilla Glass Victus का इस्तेमाल होता है जिससे डिस्प्ले पूरी तरह से सेफ रहता है।
IP68 रेटिंग: महंगे फोंस पूरी तरह वॉटर और डस्ट प्रूफ होते हैं। यदि फोन पानी की बाल्टी या स्विमिंग पूल में भी गिर जाए, तो उसे कुछ नहीं होता। बजट फोंस में यह सुविधा मिलना नामुमकिन है।
