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ऑनलाइन स्टॉकिंग टूल्स और डीपफेक AI ऐप्स पर बैन लगाएगा यह देश, जानें बड़ा कारण

ऑस्ट्रेलियाई सरकार में संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि सरकार तकनीकी उद्योग के साथ मिलकर काम करेगी ताकि पता न चलने वाले ऑनलाइन स्टॉकिंग टूल्स और एआई ऐप्स तक पहुंच को प्रतिबंधित किया जा सके, जो डीपफेक सामग्री उत्पन्न कर सकते हैं।

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ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह एब्युसिव टेक्नोलॉजी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगा। (फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ऑनलाइन उत्पीड़न और एब्युसिव टेक्नोलॉजी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि अब डीपफेक एआई टूल्स और स्टॉकिंग एप्लिकेशंस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसमें न्यूड डीपफेक एआई टूल्स भी शामिल हैं। जो आर्टिफिशियल तरीके से किसी की भी अपमानजनक तस्वीर बनाने में माहिर हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और महिलाओं एवं युवाओं को ऑनलाइन शोषण से बचाने के लिए बेहद जरूरी है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह एब्युसिव टेक्नोलॉजी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करेगा। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संचार मंत्री अनिका वेल्स ने मंगलवार को कहा कि सरकार तकनीकी उद्योग के साथ मिलकर काम करेगी ताकि पता न चलने वाले ऑनलाइन स्टॉकिंग टूल्स और एआई ऐप्स तक पहुंच को प्रतिबंधित किया जा सके, जो डीपफेक सामग्री उत्पन्न कर सकते हैं।

वेल्स ने एक बयान में कहा, "ऑस्ट्रेलिया में एआई और वैध ट्रैकिंग तकनीक की जगह है, लेकिन ऐसे ऐप्स और तकनीकों के लिए कोई जगह नहीं है जिनका इस्तेमाल केवल लोगों, खासकर हमारे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, अपमान और नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है।" "यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि हम कार्रवाई न करें। अपमानजनक तकनीकें व्यापक रूप से और आसानी से सुलभ हैं और अब वास्तविक और अपूरणीय क्षति पहुंचा रही हैं।"

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मौजूदा कानूनों का पूरक होगी जो स्टॉकिंग और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री के बिना सहमति के वितरण को प्रतिबंधित करते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सेस पर प्रतिबंध लगाया है। नया कानून भी अपमानजनक टूल्स तक पहुंच को प्रतिबंधित करने की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता कंपनियों पर डालेगा।

संघीय सरकार की ई-सुरक्षा आयुक्त, जूली इनमैन ग्रांट ने जून में कहा था कि पिछले 18 महीनों में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की डिजिटल रूप से संशोधित अंतरंग तस्वीरों की रिपोर्ट की गई घटनाओं की संख्या, पिछले सात वर्षों की तुलना में दोगुनी है। इससे पहले जुलाई में, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने घोषणा की थी कि ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम उम्र के बच्चों के ऑनलाइन एक्सेस पर पाबंदी लगाएगा।

अल्बानीज और संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कैनबरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संघीय सरकार ने अपने ऑनलाइन सुरक्षा नियामक, ई-सुरक्षा आयुक्त की उस सिफारिश को स्वीकार कर लिया है जिसमें यू ट्यूब को सोशल मीडिया प्रतिबंध में शामिल करने की बात कही गई है। यूट्यूब को शुरुआत में अपनी शिक्षा और स्वास्थ्य सामग्री के कारण प्रतिबंध से छूट दी गई थी, जो 10 दिसंबर से लागू होगा, लेकिन ई-सुरक्षा आयुक्त जूली इनमैन ग्रांट ने जून में सरकार को औपचारिक सलाह देते हुए कहा था कि यह प्लेटफॉर्म बच्चों को हानिकारक सामग्री के संपर्क में लाता है।

अल्बानीज ने कहा कि सरकार सामाजिक नुकसान पहुंचाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ "कार्रवाई" करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि यह एकमात्र समाधान नहीं है और अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। लेकिन इससे फर्क जरूर पड़ेगा।" वेल्स ने कहा कि यूट्यूब को प्रतिबंध में शामिल करने का फैसला "माता-पिता को प्लेटफॉर्म से पहले प्राथमिकता देने" के बारे में था।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathel author

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, ग... और देखें

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