स्पोर्ट्स

अमेरिका के नए फुटबॉल नायक फोलारिन बालोगुन की कहानी, नाइजीरियाई मां-बाप का बेटा; इंग्लैंड की गलियों में पला बढ़ा

शनिवार, 13 जून को लांस एंजिल्स में खेले गए फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के चौथे मुकाबले में मेजबान अमेरिका ने पराग्वे के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 1930 के बाद पहली बार आमने-सामने हो रही अमेरिका ने पराग्वे को एकतरफा मुकाबले में 4-1 से हराया। अमेरिका की इस जीत में फोलारिन बालोगुन ने दो गोल दागे।

Image

फोलारिन बालोगुन की कहानी। फोटो- AP

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि किसी देश में जन्म हो और दूसरे देश में परवरिश और किसी तीसरे देश के लिए इतिहास रच देना। लेकिन, फुटबॉल विश्व कप में खेल रहे अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन के साथ ऐसा हुआ है। अमेरिका के नए फुटबॉल नायक बने फोलारिन बालोगुन तीन में से किसी भी देश के लिए खेल सकते थे।

शनिवार, 13 जून को लांस एंजिल्स में खेले गए फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के चौथे मुकाबले में मेजबान अमेरिका ने पराग्वे के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 1930 के बाद पहली बार आमने-सामने हो रही अमेरिका ने पराग्वे को एकतरफा मुकाबले में 4-1 से हराया। अमेरिका की इस जीत में फोलारिन बालोगुन ने दो गोल दागे।

बालोगुन बने पहले खिलाड़ी

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड बेकहम की मौजूदगी में बालोगुन 1930 के बाद विश्व कप के किसी मैच में दो गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए। उस समय बर्ट पटेनाउड ने पराग्वे के खिलाफ ही अमेरिका की 3-0 की जीत में तीनों गोल किए थे, जो विश्व कप के इतिहास में पहली हैट्रिक थी।

इंग्लैंड में हुई परवरिश

बालोगुन का जन्म न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में नाइजीरियाई माता-पिता के घर हुआ था। उनके जन्म के एक महीने बाद उनके माता-पिता इंग्लैंड चले गए, जहां वह लंदन में पले-बढ़े। उन्होंने आठ साल की उम्र में आर्सेनल की अकादमी में दाखिला लिया। उन्होंने युवा स्तर पर इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और साथ ही अमेरिका की अंडर-18 टीम के लिए भी खेले।

अमेरिका के लिए खेलते हैं फुटबॉल

बालोगुन के पास अमेरिका के अलावा इंग्लैंड और नाइजीरिया की तरफ से खेलने का भी मौका था। इंग्लैंड की टीम में स्टार खिलाड़ियों की कमी नहीं है और इसलिए हो सकता था कि उन्हें उसकी टीम में जगह नहीं मिलती, जबकि नाइजीरिया इस विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में असफल रहा।

यूएसए के नए फुटबॉल नायक

उन्होंने सही समय पर सही फैसला किया और इसका परिणाम यह है कि अब अमेरिका के प्रत्येक फुटबॉल प्रेमी की जुबान पर एक ही नाम है बालोगुन। वह अमेरिका फुटबॉल टीम के नए नायक बन गए हैं। मेजबान अमेरिका ने अपने घरेलू मैदान पर अपने फैंस को एक यादगार जीत का गवाह बनाया।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

    और पढ़ें
    End of Article