स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने 32 साल बाद अपने घरेलू मैदान पर खेले जा रहे विश्व कप की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की। अपने पहले मुकाबले में मेजबान यूएसए ने पराग्वे को 4-1 से करारी शिकस्त दी। अमेरिका ने रिकॉर्ड तोड़ आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए यह जीत दर्ज की। फोलारिन बालोगुन ने दो गोल दागे।
अमेरिका की विश्व कप में यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी तीन से अधिक गोल नहीं किए थे। यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में तीन गोल दागे जो विश्व कप में उसका रिकॉर्ड है। क्रिश्चियन पुलिसिच ने पहले हाफ में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एक गोल करने में मदद की। 7वें मिनट में डेमियन बोबाडिला ने गोल दाग कर अमेरिका को बढ़त दिलाई।
बालोगुन ने दागे दो गोल
इसके बाद बालोगुन ने 31वें मिनट और पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम (45+5 मिनट) में गोल दागकर विश्व कप में दो गोल करने वाले 1930 के बाद पहले अमेरिकी खिलाड़ी बन गए। न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े स्ट्राइकर बालोगुन ने विश्व कप में डेब्यू करते हुए 1930 के बाद टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी द्वारा एक से अधिक गोल करने का कारनामा किया।
इंग्लैंड में हुआ बालोगुन का जन्म
बालोगुन ने इंग्लैंड की तरफ से खेलने की बजाय तीन साल पहले अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का विकल्प चुना था। अगर वह इंग्लैंड की तरफ से खेलना चाहते तो हो सकता था कि उन्हें टीम में जगह नहीं मिलती। लेकिन अब वह अमेरिका के फुटबॉल नायक बन गए हैं। मैच में हाफ टाइम तक अमेरिका ने 3-0 से अपनी बढ़त मजबूत कर ली थी।
अमेरिका ने फीफा वर्ल्ड कप में रचा इतिहास
हाफ टाइम के बाद मॉरीसियो ने 73वें मिनट में पराग्वे के लिए एक गोल किया, लेकिन अमेरिका के जियो रेना ने स्टॉपेज टाइम (90+8 मिनट) में एक शानदार स्ट्राइक से जीत को पक्का कर दिया और अमेरिकी टीम ने विश्व कप मैच में पहली बार चार गोल दागे।
अमेरिका ने चार साल पहले कतर में खेले गए विश्व कप में अपने चार मैचों में कुल मिलाकर केवल तीन गोल किए थे। नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में अलग शैली में खेल रही अमेरिका की टीम ने अपने खेल से स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुकाबले से पहले लांस एंजिल्स में रंगारंग ओपनिंग सेरेमनी आयोजित की गई।
