स्पोर्ट्स

कौन हैं धक्षिनेश्वर सुरेश? 6 फीट 5 इंच है हाइट, डेविस कप में दिलाई भारत को ऐतिहासिक जीत

धक्षिणेश्वर सुरेश विश्व रैंकिंग में 465वें स्थान पर होने के बावजूद भारतीय टेनिस की धड़कन बन गए हैं। अपने दूसरे ही डेविस कप मुकाबले में 25 वर्षीय सुरेश ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए तीन मैच जीते, अपने दोनों एकल मुकाबले जीते और युकी भाम्बरी के साथ मिलकर युगल मुकाबला भी जीता, जो भारतीय डेविस कप इतिहास में एक दुर्लभ उपलब्धि है।

Image

Dhakshineswar Suresh ने डेविस कप में किया दमदार प्रदर्शन। फोटो- PTI

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज खिलाड़ी सबसे अधिक दबाव वाले मैदानों में जन्म लेते हैं। भारत के धक्षिणेश्वर सुरेश ने रविवार को डेविस कप में नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-2 की ऐतिहासिक जीत दिलाकर इस कहावत को सच साबित कर दिया। अपने साथियों और टेनिस जगत में 'डीके' के नाम से मशहूर सुरेश ने टेनिस कोर्ट पर उभरते हुए सितारे के रूप में अपनी पहचान बना ली है।

विश्व रैंकिंग में 465वें स्थान पर होने के बावजूद भारतीय टेनिस की धड़कन बन गए हैं। अपने दूसरे ही डेविस कप मुकाबले में 25 वर्षीय सुरेश ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए तीन मैच जीते, अपने दोनों एकल मुकाबले जीते और युकी भाम्बरी के साथ मिलकर युगल मुकाबला भी जीता, जो भारतीय डेविस कप इतिहास में एक दुर्लभ उपलब्धि है।

धक्षिनेश्वर सुरेश कौन हैं?

6 फुट 5 इंच लंबे सुरेश कोर्ट पर ऐसी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करते हैं जो भारतीय एकल इतिहास में सबसे लंबे खिलाड़ी हैं। उनका खेल दो मुख्य हथियारों पर आधारित है- उनकी सर्व और आक्रामक बेसलाइन स्ट्रोक। दिसंबर 2023 में, सुरेश ने बेंगलुरु में आयोजित विश्व टेनिस लीग में पूर्व विश्व नंबर-1 डेनियल मेदवेदेव को हराकर टेनिस जगत को चौंका दिया था, जो हाल के इतिहास में किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा किए गए सबसे बड़े उलटफेरों में से एक है।

तमिलनाडु के मदुरै में जन्मे सुरेश की लंबाई उन्हें तेज कोण से शॉट लगाने की अनुमति देती है, जिससे लय में आने पर उनकी पहली सर्व को लगभग अनरिटर्न करना मुश्किल हो जाता है। पारंपरिक भारतीय शैली के 'टच एंड वॉली' के विपरीत, डीके एक आधुनिक, शक्ति-प्रधान खेल खेलते हैं, जिसमें वे अपने दमदार फोरहैंड से अंक अपने पक्ष में करते हैं।

डेविस कप में दिखा आत्मविश्वास

सुरेश का डेविस कप तक का सफर आम नहीं था। उन्होंने अमेरिका के वेक फॉरेस्ट विश्वविद्यालय में अपने खेल कौशल को निखारा। 'कॉलेज टेनिस' प्रणाली ने उन्हें ऐसा वातावरण प्रदान किया जिसने डेविस कप टीम स्पर्धाओं के दौरान उनमें अविश्वसनीय संयम विकसित किया। वह अटलांटिक कोस्ट कॉन्फ्रेंस (एसीसी) में लगातार शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने ऑल-अमेरिकन सम्मान अर्जित किया और अपने शरीर को पेशेवर दौरे की कठिनाइयों के लिए तैयार किया।

धक्षिनेश्वर की सबसे बड़ी खूबी उनकी भावनात्मक दृढ़ता है। जहां कई खिलाड़ी आईटीएफ/चैलेंजर सर्किट से अंतरराष्ट्रीय मंच पर आने में संघर्ष करते हैं, वहीं सुरेश सुर्खियों में रहकर शानदार प्रदर्शन करते हैं। थकान के बावजूद भी उच्च प्रथम-सर्व प्रतिशत बनाए रखने की उनकी क्षमता उनकी पहचान बन गई है। धक्षिनेश्वर सुरेश अब महज एक 'संभावित लीडर' नहीं हैं, बल्कि वे उस नए युग के अगुआ हैं, जिसमें भारत प्रवेश कर रहा है।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article