टीम इंडिया से लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद आखिरकार सरफराज खान के सब्र का बांध टूट गया। भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाज सरफराज ने सोमवार को दावा किया कि भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें फिलहाल केवल घरेलू परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट के लिए ही उपयोगी मान रहा है। रेलवे के खिलाफ रणजी मैच में 55 गेंद में शतक जड़ने वाले सरफराज ने विदेशी दौरों पर टीम में जगह नहीं मिलने पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने भारत के बाहर भी रन बनाए हैं।
रेलवे के खिलाफ मुंबई के रणजी ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद सरफराज ने पत्रकारों से कहा, ’’जब मैं भारतीय टीम के साथ था तो मैंने यही सुना कि वे मुझे भारतीय परिस्थितियों में खेलने के लिए ज्यादा देख रहे हैं। किसी चयनकर्ता ने हालांकि मुझसे सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा है।’’
फरवरी 2024 में किया डेब्यू
सरफराज खान ने फरवरी 2024 में टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। 2 साल हो जाने के बावजूद उन्होंने अब तक अपने करियर के सभी छह टेस्ट मैच भारत में खेले हैं। हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भी वह चोटिल साई सुदर्शन के स्थान पर भारतीय टीम में शामिल किए गए थे, लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला था।
बाहर ना खिलाने पर उठाए सवाल
सरफराज ने विदेशी दौरों के लिए टीम में चयन नहीं होने पर हैरानी जताई। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में अभ्यास मैचों में बनाए गए शतकों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, ’’जब मैं दक्षिण अफ्रीका गया था तो वहां अभ्यास मैच में भारत ए का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय टीम के खिलाफ 63 गेंदों में शतक बनाया था। इसके बाद इंग्लैंड में भी मैंने 76 गेंदों में 101 रन की पारी खेली थी।’’ उन्होंने कहा, ’’ऐसा नहीं है कि मैंने भारत के बाहर रन नहीं बनाए हैं। मैंने वहां भी रन बनाए हैं। यह चयनकर्ताओं का नजरिया है और उनका फैसला है। मेरा काम क्रिकेट खेलना है।’’
