ग्लास्गो: भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर ने शुक्रवार को घुटने की पुरानी चोट से जूझते हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के डेकथलॉन का कांस्य पदक अपने नाम करके इतिहास रच दिया। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर तेजस्विन ने दो दिनों तक चलने वाली 10 इवेंट्स की इस प्रतियोगिता में कुल 7,976 अंक हासिल किए। उन्होंने 'क्रॉनिक पेटेलर टेंडिनाइटिस'(जिसे 'जंपर्स नी' भी कहा जाता है) के बावजूद हिस्सा लिया। इसी चोट की वजह से उन्हें गेम्स की शुरुआत में पुरुषों की हाई जंप इवेंट से हटना पड़ा था।
लिंडर विक्टर ने जीता गोल्ड
पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8,096 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं कनाडा के डेमियन वॉर्नर ने 8,036 पॉइंट्स के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
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हाईजंप से बाहर होने के बावजूद जीता कांस्य
तेजस्विन को चोट के दोबारा उभरने के कारण हाई जंप में अपने पहले प्रयास के बाद बाहर होना पड़ा। इस निर्णय के बाद 27 वर्षीय शंकर भावुक हो गए। साल 2022 में बर्मिंघम गेम्स में पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने के बाद तेजस्विन का राष्ट्रमंडल खेलों में दूसरा मेडल था। डेकथलॉन में उनका नेशनल रिकॉर्ड 8,057 पॉइंट्स का है। तेजस्विन ने साल 2023 में हांग्जू एशियन गेम्स में डेकाथलॉन में सिल्वर मेडल भी जीता था।
23 हुई भारत के पदकों की संख्या
नीरज चोपड़ा, यशवीर सिंह और तेजस्वी शंकर के पदकों के साथ भारत के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों की संख्या 23 हो गई है। इसमें 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 कांस्य पदक के साथ अंक तालिका में दसवें पायदान पर है। भारत ने बॉक्सिंग में 10 सिल्वर मेडल पक्के कर लिए हैं। भारतीय मुक्केबाज फाइनल में सिल्वर मेडल का रंग बदलने में सफल रहे तो भारत पदक तालिका में लंबी छलांग लगाने में सफल होगा।
