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'मेरी सफलता पति को समर्पित'... कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला सिल्वर मेडल जीतकर सीमा कालीरामना ने दिया भावुक बयान

Seema Kaliramna Dedicates CWG Silver Medal To Husband-Coach Ravinder: ग्लासगो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिला डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाली सीमा कालीरामना ने अपने पदक को पति व कोच रविंदर को समर्पित किया। जानिए उन्होंने भावुक होते हुए क्या कहा।

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सीमा कालीरामना ने अपने कोच व पति को समर्पित किया सिल्वर मेडल (Instagram/AP)

सीमा कालीरामना ने अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर यादगार कामयाबी हासिल की। उन्होंने ठंडे मौसम में मुकाबला करने की चुनौतियों के बावजूद इसे एक खास उपलब्धि बताया। भारतीय डिस्कस थ्रोअर ने अपनी सफलता के पीछे किए गए भावनात्मक त्याग के बारे में बात की और अपने बेटे से दूर रहने की मुश्किलों का ज़िक्र किया। उन्होंने अपने पति, परिवार, AFI, SAI, NCOE पटियाला और JSW को उनके लगातार सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और अपनी इस ऐतिहासिक जीत को अपने पति को समर्पित किया, जो इस पूरे सफर में उनके साथ खड़े रहे। कालीरामना ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के डिस्कस थ्रो फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।

जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया और सीमा 58.65 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

सीमा ने ANI को बताया, "मैं बहुत खुश हूं। यह मेरे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स थे और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतना इसे और भी खास बनाता है। मुकाबले के दौरान मुझे कोई बड़ी मुश्किल नहीं हुई। एकमात्र चुनौती ठंडा मौसम था, क्योंकि मुझे बार-बार वार्म-अप करना पड़ रहा था। कुल मिलाकर, यह बहुत अच्छा मुकाबला था। मेरे पति सिर्फ़ दो दिन पहले ही आए थे। वह (उनका बेटा) मुझसे उसे साथ ले जाने के लिए कह रहा था, लेकिन यह बहुत भावुक पल है। मेरी स्थिति ऐसी है कि मैं अपने बेटे को अपने साथ नहीं ला सकती। यह बहुत मुश्किल और दर्दनाक है। आप इसे एक त्याग कह सकते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "AFI ने मुझे बहुत सहयोग दिया है और SAI ने भी मेरे सफर में बड़ी भूमिका निभाई है। मैं अभी NCOE पटियाला में ट्रेनिंग कर रही हूं और JSW ने भी मेरी बहुत मदद की है। जब भी मुझे किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ी, मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा। मैं यह मेडल अपने पति को समर्पित करना चाहती हूं। इस उपलब्धि के पीछे की सारी मेहनत और त्याग उनके लगातार सहयोग की वजह से ही संभव हो पाया है।"

सीमा कालीरामना के पति रविंदर ने कहा कि देश के लिए मेडल जीतना हर एथलीट का सबसे बड़ा सपना होता है। उन्होंने कहा कि वे दोनों एक जैसा जुनून, महत्वाकांक्षा और ग्लोबल स्टेज पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की भावना रखते हैं। उन्होंने कहा, "एक खिलाड़ी हमेशा अपने देश के लिए मेडल जीतने का सपना देखता है। हम दोनों का सपना एक ही है। हम दोनों का जज़्बा भी एक ही है।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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