नागोया: भारत की प्रणति नायक एशियाई खेलों में गुरुवार को कलात्मक जिम्नास्टिक प्रतियोगिता में आठ महिलाओं की वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में छठे स्थान पर रहीं। एशियाई खेलों में भाग ले रही भारत की इस एकमात्र जिम्नास्ट ने अपने पहले और दूसरे वॉल्ट में समान रूप से 12.900 अंक प्राप्त किए, जिससे उनका कुल स्कोर 13.100 हो गया, जिसमें 0.20 अंक बोनस के जोड़े गए थे।
चोट से उबरने के बाद लिया था एशियाई खेलों में भाग
पांव की चोट से उबरने के बाद इन खेलों में भाग ले रही इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने दोनों वॉल्ट में 4.4 का डिफिकल्टी स्कोर और 8.500 का एग्जीक्यूशन स्कोर हासिल किया। कोरिया की येओ सियोजेओंग (14.100) ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि उत्तर कोरिया की आन चांग ओक (13.033) और डू सियू (12.800) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए।
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कौन हैं परिणिति नायक
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिले में परिणिति का जन्म हुआ था। उनके पिता बस ड्राइवर का काम करते थे। 6 साल की उम्र में परिणिति ने जिम्नास्टिक की शुरुआत की। साल 2003 में उनकी मां उन्हें प्रशिक्षण के लिए ओडिशा ले गईं। साल 2014 में उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया था। एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने तीन बार कांस्य पदक जीते हैं। साल 2020 में टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने भाग लिया था। दीपा कर्माकर के बाद परिणिती ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली दूसरी भारतीय जिम्नास्ट बनी थीं। परिणिति अपनी प्रतिभा को बड़ी सफलता में तब्दील करने में नाकाम रहीं। 20वें एशियाई खेलों में भी उनके हाथ निराशा लगी है। चोट से उबरने के बाद वापसी करते हुए वो एशियाई खेलों में पोडियम फिनिश करने में नाकाम रहीं हैं।
