लाहौर: पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में नए ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने के बाद अरशद नदीम शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को पाकिस्तान लौट आए। ओलंपिक इतिहास में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पाकिस्तानी बने अरशद नदीम का लौहार एयरपोर्ट पर हीरो जैसा स्वागत हुआ। उनकी एक झलक पाने के लिए हजारों लोग लौहार एयरपोर्ट पर मौजूद थे और सभी नदीम-नदीम के नारे लगा रहे थे। पाकिस्तान में क्रिकेट टीम से इतर ऐसा स्वागत पहले अन्य किसी खिलाड़ी का शायद ही हुआ हो। पेरिस में इतिहास रचकर पाकिस्तान का नाम रोशन करने वाले अपने नए स्पोर्ट्स स्टार के स्वागत के लिए लोग पलकें बिछाए बैठे थे।
बेकाबू हुई भीड़, डबल डेकर बस में निकली विक्ट्री परेड
अरशद नदीम के स्वागत के तैयारियां पहले से ही कर ली गई थीं। लोग ठोल नगाड़े लेकर एयरपोर्ट पहुंचे थे। जैसे ही एयरपोर्ट में नदीम बाहर निकले हर कोई उनके स्वागत की तस्वीर अपने मोबाइल फोन में कैद कर लेना चाहता था। एयरपोर्ट पर नदीम के पिता ने बेटे को गले से लगा लिया। ये पल पहुत ही भावुक कर देने वाला था। लोगों ने उन्हें अपने कंधे पर बिठा लिया। नदीम एयरपोर्ट से बाहर थोड़ी देर निकले लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं रह सकी तो उन्हें वापस एयरपोर्ट के अंदर ले जाना पड़ा। थोड़ी देर बाद डबल डेकर बस में विक्ट्री परेड निकाली गई। जिसके ऊपर खड़े होकर नदीम अपने फैन्स का शुक्रिया अदा करते नजर आए।
गोल्ड के लिए तोड़ा ओलंपिक रिकॉर्ड
अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक के जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 92.97 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। नदीम ने दो बार भाला 91 मीटर से ज्यादा दूरी तक फेंका। उनके बाद दूसरे पायदान पर 89.45 मीटर दूरी के साथ भारत के नीरज चोपड़ा और तीसरे स्थान पर ग्रेनेडा के एथलीट रहे। नदीम ने अपने दूसरे थ्रो में बेस्ट प्रदर्शन करके गोल्ड पक्का कर दिया था। उन्होंने 16 साल पुराना ओलंपिक रिकॉर्ड ढाई मीटर के अंतर से तोड़ दिया।
