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Norway Chess 2026: प्रज्ञाननंदा ने फिर से कार्लसन को हराकर रचा इतिहास, डी गुकेश की उम्मीदें समाप्त

Norway Chess 2026: आर प्रज्ञाननंदा ने नॉर्वे के दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में क्लासिकल बाजी में उन्हें दूसरी बार हराया और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले भारतीय चैंपियन बनने की अपनी दावेदारी को मजबूत किया।

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प्रज्ञाननंदा ने फिर से कार्लसन को हराया (X/NorwayChess)

Norway Chess 2026: भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने नॉर्वे के दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में क्लासिकल बाजी में उन्हें दूसरी बार हराया और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले भारतीय चैंपियन बनने की अपनी दावेदारी को मजबूत किया।

विश्व चैंपियन डी गुकेश की खिताब जीतने की उम्मीदें आठवें दौर में फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अलीरेज़ा फ़िरोजा से एक और करारी हार के बाद खत्म हो गईं। वह आठ अंकों के साथ तालिका में सबसे निचले पायदान पर आ गए हैं। इस तरह से गुकेश का 2024 में विश्व चैंपियन बनने के बाद खराब प्रदर्शन जारी है।

प्रज्ञाननंदा इस वर्ष क्लासिकल बाजी में कार्लसन को दो बार हराने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस एलीट डबल राउंड-रॉबिन प्रतियोगिता में उन्होंने पहले भी कार्लसन को क्लासिकल बाजी में हराया था। इस जीत से 20 वर्षीय प्रज्ञाननंदा के 12 अंक हो गए और वह तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। दूसरी तरफ इस हार से कार्लसन की आठवीं बार नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।

अब केवल दो राउंड का खेल बचा हुआ है और ऐसे में मौजूदा चैंपियन कार्लसन के लिए खिताब बचाना आसान नहीं होगा। कार्लसन का यह अभियान अप्रत्याशित रूप से उथल-पुथल भरा रहा है, जिसमें उन्हें चार बार क्लासिकल बाजी में हार का सामना करना पड़ा। इनमें से दो बार उन्हें प्रज्ञाननंदा ने हराया। इस तरह से वह विश्व के नंबर एक खिलाड़ी के वर्चस्व को चुनौती देने वाले प्रमुख खिलाड़ी बन गए हैं।

काले मोहरों से खेल रहे प्रज्ञाननंदा ने मैच के बाद कहा, "मैग्नस के खिलाफ जीत के बारे में सोचने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मुझे यह जीत हासिल करनी है। निश्चित तौर पर मैग्नस के खिलाफ जीत हासिल करना शानदार है, लेकिन मुझे लगता है कि टूर्नामेंट के इस चरण में कोई भी मैच जीतना अच्छा है।"

प्रज्ञाननंदा नौवें दौर में काले मोहरों से हमवतन गुकेश के खिलाफ खेलेंगे। इस बीच अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए आर्मागेडन टाई-ब्रेक में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर अपने अंकों की संख्या 14 पर पहुंचा दी है। फ्रांस के फ़िरोजा ने क्लासिकल मुकाबले में गुकेश को हराकर 13 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल कर लिया।

इस हार के साथ ही गुकेश की नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। इस भारतीय खिलाड़ी के अभी केवल आठ अंक हैं और वह अपने अगले दो मैच क्लासिकल में जीतने पर भी 14 अंक तक ही पहुंच सकते हैं। यह टूर्नामेंट में गुकेश की क्लासिकल बाजी में तीसरी हार थी। इससे उनकी इस साल के आखिर में उज्बेक चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप के अपने खिताब का बचाव करने की तैयारी को भी झटका लगा है।

इस बीच महिला वर्ग में कजाकिस्तान की बिबिसारा असाउबायेवा ने दिव्या देशमुख को क्लासिकल बाजी में हराकर खिताब की दौड़ में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चीन की झू जिनर ने भी क्लासिकल में जीत हासिल की। उन्होंने मौजूदा महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर 10 अंक के साथ दिव्या की बराबरी कर ली। मौजूदा चैंपियन अन्ना मुज़िचुक और कोनेरू हम्पी ने अपना क्लासिकल गेम ड्रॉ किया। इसके बाद आर्मागेडन टाईब्रेक भी ड्रॉ रहने से हम्पी को बोनस अंक मिल गया क्योंकि वह काले मोहरों से खेल रही थी।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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