स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फीफा विश्व कप में लगातार गोल का लियोनेल मेसी का 9 मैचों का सिलसिला आखिरकार स्विट्जरलैंड के खिलाफ टूट गया, लेकिन अर्जेंटीना को 3-1 से जीत दिलाने में उन्होंने अहम योगदान दिया। इस विश्व कप में फ्रांस के किलियन एमबाप्पे के साथ सर्वाधिक 8 गोल कर चुके मेसी ने दसवें मिनट में कॉर्नर किक हासिल की और अपने कलात्मक खेल से बॉक्स के भीतर एलेक्सिस मैक एलिस्टर को गेंद सौंपी, जिन्होंने अर्जेंटीना को बढ़त दिलाई।
दूसरे हाफ में दाहिने घुटने के पास ठोकर लगने से मेसी को ट्रेनर की मदद लेनी पड़ी थी। स्विट्जरलैंड ने 67वें मिनट में बराबरी का गोल किया, लेकिन अतिरिक्त समय में जूलियन अल्वारेज और लौतारो मार्टिनेज के गोल के दम पर अर्जेंटीना ने 3-1 से जीत दर्ज की। अब अर्जेंटीना का सामना सेमीफाइनल में बुधवार को अटलांटा में इंग्लैंड से होगा।
स्विट्जरलैंड ने मेसी को नहीं करने दिया गोल
मैच से पहले स्विट्जरलैंड के कोच मुरात याकिन से पूछा गया था कि मेसी को कैसे रोकेंगे जो विश्व कप के कैरियर में अब तक 21 गोल कर चुके हैं और पिछले 9 मैचों में गोल किया है। इस पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, यह काफी हैरान करने वाला सवाल है। कई विकल्प है, जिनमें से हम सर्वश्रेष्ठ चुनेंगे।
स्विट्जरलैंड ने मेसी को गोल नहीं करने दिया। मेसी ने टूर्नामेंट के पहले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। आस्ट्रिया और मिस्र के खिलाफ पेनल्टी चूकने के बावजूद उनका करिश्मा कम नहीं हुआ। मिस्र के खिलाफ 79वें मिनट तक दो गोल से पीछे चल रही अर्जेंटीना के लिये क्रिस्टियन रोमेरो के हेडर में सहायता मेसी ने की थी। इसके चार मिनट बाद उन्होंने गोल किया और एंजो फर्नांडिज ने स्टॉपेज टाइम में गोल करके टीम को जीत दिलाई थी।
कोच ने की तारीफ
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने मेसी के बारे में कहा, वह मशीन की तरह है। जो उन्हें जानते नहीं है, उन्हें हैरानी होगी और उन्हें लगता होगा कि 39 वर्ष की उम्र में वह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। लेकिन मैं पहले भी कह चुका हूं कि अगर वह सर्वश्रेष्ठ रहना चाहता है तो वह रहेगा। और यह मैं इसलिए नहीं कह रहा हूं कि मैं उसका कोच हूं।
