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जोर-शोर से चल रही कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी, खेल गांव में 20 जुलाई से जुटेंगे भारतीय खिलाड़ी

Commonwealth Games Preparation: दिल्ली स्थित खेल गांव में सबसे पहले 20 जुलाई को जिम्नास्ट पहुंचेंगे और उसके अगले दिन मुक्केबाज और तैराक पहुंचेंगे। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी में भारतीय खिलाड़ी जोर-शोर से जुटे हैं।

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भारतीय खिलाड़ी (फोटो साभार- @mansukhmandviya)

Commonwealth Games Preparation: आयोजकों ने भले ही ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में प्रतियोगिताओं के दायरे को घटा दिया हो लेकिन भारत इस बहु खेल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। भारत की एथलेटिक्स टीम तैयारी के लिए पोलैंड और मुक्केबाज आयरलैंड जाएंगे जबकि भारोत्तोलक पहले ही बर्मिंघम के लिए रवाना हो चुके हैं। ये खेल 23 जुलाई से दो अगस्त तक होने हैं और इनमें शारीरिक रूप से सामान्य खिलाड़ियों के लिए 10 और पैरा खिलाड़ियों के लिए छह खेल शामिल होंगे। खर्च कम करने के लिए शहर में पूरे टूर्नामेंट का आयोजन आठ मील (12.8 किमी) के दायरे में किया जाएगा। इसमें 74 देशों के 3,000 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है जिसमें भारत दल में 126 खिलाड़ी शामिल हैं।

खेल गांव में सबसे पहले 20 जुलाई को जिम्नास्ट पहुंचेंगे और उसके अगले दिन मुक्केबाज और तैराक पहुंचेंगे। पीटीआई इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे भारतीय दल के तैयारी कार्यक्रम पर नजर डाल रहा है। इस बार हालांकि पदकों की संख्या पिछली बार बर्मिंघम में मिले 22 स्वर्ण सहित 61 पदक की तुलना में काफी कम रहने की संभावना है। भारत बर्मिंघम में चौथे स्थान पर रहा था। सभी दौरों को खेल मंत्रालय के वार्षिंक प्रतियोगिता एवं ट्रेनिंग कैलेंडर (एसीटीसी) कोच और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) से मंजूरी मिली है।

एथलेटिक्स:

भारतीय दल में 32 खिलाड़ियों के साथ एथलेटिक्स की टीम सबसे बड़ी होगी। इस समूह में भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह, लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और स्टीपलचेज खिलाड़ी पारुल चौधरी जैसे स्टार शामिल हैं। यह समूह अगले कुछ दिनों में पोलैंड के स्पला ओलंपिक ट्रेनिंग केंद्र जाएगा। वे 25 जुलाई को ग्लास्गो पहुंचने से पहले वहीं रहेंगे। उनके साथ 14 लोगों का सहयोगी स्टाफ भी होगा।

मुक्केबाजी और तैराकी:

मुक्केबाजी की 14 सदस्यीय टीम ट्रेनिंग के लिए 10 जुलाई को आयरलैंड के बेलफास्ट जाएगी और फिर 21 जुलाई को तैराकों के साथ ग्लास्गो पहुंचेगी। तैराक साजन प्रकाश तीन हफ्ते के शिविर के लिए पहले से ही एडिनबर्ग में हैं जबकि तैराकी टीम के बाकी सदस्य 16 जुलाई को स्कॉटलैंड (एबरडीन या स्टर्लिंग) या इंग्लैंड (स्टॉकपोर्ट) के लिए रवाना होंगे।

भारोत्तोलक, साइकिलिंग और जूडो

भारोत्तोलक 28 जून को बर्मिंघम के वॉर्ली भारोत्तोलक क्लब में ट्रेनिंग के लिए रवाना हुए और भारतीय दल में शामिल होने से पहले 22 जुलाई तक वहीं रहेंगे। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले छह साइकिलिस्ट के साथ भी ऐसा ही है। वे अभी फ्रांस में हैं और 26 जुलाई तक वहीं रहेंगे।

खेलों में हिस्सा लेने वाले 14 जूडो खिलाड़ी तैयारी के लिए जापान की साकुबा यूनिवर्सिटी में हैं और 17 जुलाई तक वहीं ट्रेनिंग करेंगे।

जिम्नास्टिक्स और लॉन बॉल्स:

आठ सदस्यों वाली जिम्नास्टिक्स टीम में चार पुरुष और चार महिलाएं (जिनमें प्रणति नायक भी शामिल हैं) हैं। पुरुष खिलाड़ी इंग्लैंड के एसेक्स में साउथ एसेक्स जिम्नास्टिक्स क्लब में ट्रेनिंग के लिए रवाना हो चुके हैं तो वहीं महिला खिलाड़ी तीन जुलाई को उनसे जुड़ेंगी। इसके बाद दोनों समूह 20 जुलाई को खेल गांव में प्रवेश करेंगे। छह खिलाड़ियों वाली लॉन बॉल्स टीम 24 जून तक दिल्ली के आरके पुरम के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अभ्यास कर रही थी और अब आगे की ट्रेनिंग के लिए ग्लास्गो चली गई है जहां वे 23 जुलाई तक ट्रेनिंग करेंगे।

पैरा खेल:

पैरा खेल मुख्य खेलों के साथ ही आयोजित किए जाएंगे। बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के ’नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में एथलेटिक्स के लिए एक शिविर चल रहा है। यह शिविर जून में शुरू हुआ और 11 सदस्यों वाले समूह के रवाना होने से पहले 22 जुलाई तक चलेगा।

पैरा तैराक गांधीनगर और दिल्ली में साइ की सुविधाओं में अपना समय बिताएंगे जबकि तीन गुणा तीन व्हीलचेयर बास्केटबॉल टीम खेलों की ट्रेनिंग के लिए ग्वालियर के अटल बिहारी वाजपेयी ट्रेनिंग सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्पोर्ट्स में रुकी हुई है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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