स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। India vs Germany Hockey: विश्व कप में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी रखते हुए नवनीत कौर के दो गोल की मदद से पांचवीं रैंकिंग वाली जर्मन टीम को 3 -1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह हॉकी वर्ल्ड कप के पिछले 52 साल में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत को इस टूर्नामेंट में एकमात्र पराजय का सामना ओलंपिक चैम्पियन सह मेजबान नीदरलैंड के हाथों (0-2) करना पड़ा था। दूसरे दौर के आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हुई कोच शोर्ड मारिन की टीम ने जर्मनी के खिलाफ सारी कसर निकालते हुए आखिरी 17 मिनट में तीन गोल दागे।
पांचवें स्थान के लिए हुए मैच में भारत के लिए इशिका (43वां मिनट ), नवनीत (44वां और 47वां) ने गोल दागे। जर्मनी के लिये लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एकमात्र गोल दागा। इसी जर्मन टीम ने टूर्नामेंट से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था। क्लासीफिकेशन मैच में पहले 43 मिनट तक दोनों टीमों एक दूसरे को आजमाती रही, लेकिन कामयाबी नहीं मिली और आखिरी सत्रह मिनट में भारत ने जबरदस्त पासिंग, बेहतरीन फिनिशिंग और मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को संभलने का मौका ही नहीं दिया। जर्मनी को मैच में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा।
11 खिलाड़ियों ने पहली बार लिया हिस्सा
विश्व कप में पहली बार खेल रही 11 खिलाड़ियों के साथ उतरे कोच मारिन के साथ ड्रैग फ्लिक कोच ताइके ताकेमा और विश्लेषण कोच मथियास विला जीत के बाद उछलते नजर आये। यह 1974 में अजिंदर कौर की अगुआई में पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले इस प्रदर्शन से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया था, लेकिन फिर इंग्लैंड से ड्रॉ खेला था। एकमात्र पराजय दूसरे चरण में डच टीम के हाथों मिली लेकिन मेजबान ने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागे थे।
1974 के बाद पहली बार
इस जीत के साथ ही भारत ने 1974 में हुए पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद से विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत के पांचवें स्थान पर रहने पर मिडफील्डर नेहा ने कहा, 'यह वाकई गर्व की बात है। विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है। मुझे पता है कि हम सेमीफाइनल और फाइनल जीतना चाहते थे, लेकिन जो हुआ सो हुआ। हम पांचवें स्थान पर रहकर खुश हैं।'
