Chandra Grahan 2026 Rashifal: साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त, शुक्रवार को लग रहा है। खगोलीय रूप से यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार इसका आंशिक चरण सुबह करीब 8 बजकर 4 मिनट से 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगा और ग्रहण का अधिकतम चरण सुबह करीब 9 बजकर 43 मिनट पर होगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा, जबकि सूर्य इसके सामने सिंह राशि में होंगे। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं। इस वजह से चंद्र ग्रहण में चंद्रमा, राहु और कुंभ राशि का संबंध इसे ज्योतिषीय रूप से काफी महत्वपूर्ण बनाता है। चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक स्थिति, परिवार और भावनात्मक सुरक्षा का कारक माना जाता है। वहीं राहु को भ्रम, असमंजस, अचानक बदलाव और ऐसी परिस्थितियों से जोड़ा जाता है जिनका असर तुरंत समझ नहीं आता। ऐसे में इस ग्रहण के दौरान कुछ राशियों के लिए फैसले, रिश्ते, करियर और फाइनेंस से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी हो सकती है।
हालांकि, चंद्र ग्रहण को केवल अशुभ घटना मानना सही नहीं होगा। ज्योतिषीय नजरिए से ग्रहण कई बार उन मामलों को सामने लाता है जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था। इस लिहाज से यह समय कुछ लोगों के लिए पुरानी स्थिति को बदलने और नई दिशा तय करने का भी बन सकता है। हालांकि इसका असर 3 से 6 महीनों तक रहता है। इस कारण जिनके लिए ग्रहण का असर खराब रहेगा, उनको सावधानी बरतनी चाहिए।
कुंभ राशि और शतभिषा में चंद्र ग्रहण क्यों है खास
28 अगस्त के ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि में करीब 10 डिग्री के आसपास रहेगा और शतभिषा नक्षत्र में होगा। दूसरी ओर सूर्य सिंह राशि में रहेंगे। यानी ग्रहण सिंह-कुंभ अक्ष पर बन रहा है। कुंभ राशि को नेटवर्क, बड़े समूहों, टेक्नोलॉजी, नए विचार और भविष्य की योजनाओं से जोड़ा जाता है। शतभिषा का स्वामी राहु होने से इस ग्रहण में रहस्य, रिसर्च, बदलाव और पुरानी चीजों की समीक्षा जैसे विषय भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इसी वजह से इस ग्रहण का असर केवल मन और भावनाओं तक सीमित नहीं माना जा रहा है। करियर, सोशल नेटवर्क, इनकम, पार्टनरशिप और भविष्य की योजनाओं में भी बदलाव की सोच पैदा हो सकती है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण 11वें भाव को एक्टिव करेगा। यह भाव इनकम, लाभ, नेटवर्क और बड़े संपर्कों से जुड़ा है। इस दौरान किसी पुराने कॉन्टैक्ट से दोबारा बातचीत शुरू हो सकती है। इनकम के किसी स्रोत को लेकर नई उम्मीद बन सकती है, लेकिन हर ऑफर को तुरंत स्वीकार करना सही नहीं होगा। सोशल और प्रोफेशनल नेटवर्क में भी बदलाव दिखाई दे सकता है। कोई ऐसा व्यक्ति दूर हो सकता है जिससे लंबे समय से संपर्क था, जबकि किसी नए व्यक्ति से भविष्य में फायदा मिल सकता है। फाइनेंशियल फैसले लेते समय जल्दबाजी न करें और किसी भी नए इन्वेस्टमेंट को अच्छी तरह जांचें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लिए ग्रहण 10वें भाव में पड़ेगा। यह करियर, जॉब, बिजनेस और पब्लिक इमेज का भाव है। वर्कप्लेस पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। सीनियर अधिकारी किसी काम को लेकर ज्यादा जवाबदेही मांग सकते हैं। अगर लंबे समय से करियर में बदलाव का विचार चल रहा है तो ग्रहण के आसपास वह सोच और मजबूत हो सकती है। हालांकि तुरंत नौकरी छोड़ने जैसा फैसला लेने से बचें। पहले दूसरी संभावनाओं को अच्छी तरह समझें। सीनियर्स से बहस के बजाय काम के रिजल्ट पर फोकस करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए ग्रहण 9वें भाव को प्रभावित करेगा। यह भाग्य, उच्च शिक्षा, गुरु, पिता और लंबी दूरी की यात्रा से जुड़ा है। विदेश, हायर एजुकेशन या किसी दूर स्थान से जुड़े काम में नई जानकारी मिल सकती है। किसी गुरु या सीनियर की सलाह आपकी सोच बदल सकती है। पिता या परिवार के किसी बड़े व्यक्ति के साथ विचारों में अंतर हो सकता है। किसी धार्मिक या आध्यात्मिक विषय को लेकर भी आपकी सोच बदल सकती है। किसी बड़े फैसले में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें और यात्रा से जुड़े डॉक्यूमेंट्स दोबारा चेक करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के लिए ग्रहण आठवें भाव में होगा। यह अचानक बदलाव, साझा धन, इंश्योरेंस, टैक्स और गहरे मानसिक मंथन से जुड़ा भाव है। अचानक कोई फाइनेंशियल मामला सामने आ सकता है। लोन, टैक्स, इंश्योरेंस या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में डॉक्यूमेंट्स अच्छी तरह चेक करें। इस दौरान ओवरथिंकिंग भी बढ़ सकती है। हर छोटी बात को लेकर चिंता करने से बचें। फाइनेंशियल मामलों में किसी एक्सपर्ट की सलाह लें और जल्दबाजी में कोई कमिटमेंट न करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण सातवें भाव को एक्टिव करेगा। यह विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग का भाव है।
रिश्तों में किसी पुराने मुद्दे को लेकर बातचीत हो सकती है। पार्टनर की किसी बात को गलत समझने से विवाद बढ़ सकता है। बिजनेस पार्टनर के साथ भी जिम्मेदारी या फाइनेंस को लेकर मतभेद हो सकता है। सूर्य सिंह राशि में होने की वजह से अपनी बात मनवाने की इच्छा मजबूत हो सकती है। यहां सबसे ज्यादा जरूरत ईगो को साइड में रखने की होगी। पार्टनर की बात पूरी सुनें और बड़े रिश्ते या बिजनेस फैसले को तुरंत फाइनल न करें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए ग्रहण छठे भाव में पड़ेगा। यह नौकरी, कॉम्पिटिशन, कर्ज, विरोधी और डेली रूटीन का भाव है। ऑफिस में काम का प्रेशर बढ़ सकता है। किसी सहकर्मी के साथ गलतफहमी भी हो सकती है। अगर कोई पुराना पेमेंट या कर्ज चल रहा है तो उसे व्यवस्थित करने का मौका मिलेगा।
रूटीन बिगड़ने से तनाव बढ़ सकता है। काम के बीच आराम और नींद को नजरअंदाज न करें। अपने काम और पेमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स व्यवस्थित रखें और ऑफिस विवाद में सीधे प्रतिक्रिया न दें।
तुला राशि
तुला राशि के लिए ग्रहण पांचवें भाव को प्रभावित करेगा। यह प्रेम, संतान, शिक्षा, क्रिएटिविटी और इन्वेस्टमेंट से जुड़ा है। प्रेम संबंधों में पुरानी बात दोबारा सामने आ सकती है। किसी रिश्ते को लेकर क्लैरिटी मिल सकती है। स्टूडेंट्स को पढ़ाई की स्ट्रैटेजी बदलने का विचार आ सकता है। शेयर मार्केट या रिस्की इन्वेस्टमेंट में भावनाओं के आधार पर फैसला लेने से बचें। क्रिएटिव फील्ड के लोगों को कोई नया आइडिया मिल सकता है, लेकिन उसे लागू करने से पहले प्लानिंग जरूरी होगी। बच्चों या स्टूडेंट्स से जुड़ी किसी जरूरत में मदद करें और जोखिम वाले इन्वेस्टमेंट से बचें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए ग्रहण चौथे भाव में पड़ेगा। यह घर, माता, प्रॉपर्टी, वाहन और मानसिक शांति का भाव है। घर में कोई पुराना मुद्दा फिर चर्चा में आ सकता है। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। माता या घर के किसी बड़े सदस्य की चिंता बढ़ सकती है। परिवार के साथ बातचीत करते समय कठोर शब्दों से बचना बेहतर होगा। घर के माहौल को शांत रखें और प्रॉपर्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स ध्यान से चेक करें।
धनु राशि
धनु राशि के लिए ग्रहण तीसरे भाव में होगा। यह कम्युनिकेशन, छोटे भाई-बहन, प्रयास और छोटी यात्राओं का भाव है। आपकी किसी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है। सोशल मीडिया या ऑफिस में लिखित कम्युनिकेशन करते समय शब्दों का ध्यान रखें। भाई-बहन के साथ किसी पुराने मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। छोटी यात्रा के दौरान प्लान में बदलाव भी संभव है। महत्वपूर्ण मैसेज या ईमेल भेजने से पहले दोबारा पढ़ें।
मकर राशि
मकर राशि के लिए ग्रहण दूसरे भाव में पड़ेगा। यह धन, परिवार, सेविंग और वाणी से जुड़ा है। अचानक खर्च बढ़ सकता है या सेविंग को लेकर कोई नई चिंता सामने आ सकती है। परिवार में फाइनेंस को लेकर चर्चा हो सकती है। वाणी इस समय सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। गुस्से में कही गई बात रिश्तों में लंबे समय तक असर डाल सकती है। बजट पर ध्यान दें और किसी को भी जल्दबाजी में पैसा उधार न दें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि में ही चंद्र ग्रहण लग रहा है। इसलिए इस राशि के लोगों पर इसका असर अपेक्षाकृत ज्यादा सीधा माना जा सकता है। मन में चल रही पुरानी बातें सामने आ सकती हैं। करियर, रिश्ते या भविष्य की योजनाओं को लेकर अचानक सोच बदल सकती है। किसी पुराने फैसले पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। इस दौरान इमोशनल होकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना जरूरी है। खासकर जॉब, बिजनेस और रिश्तों से जुड़े फैसलों में कुछ समय लेकर आगे बढ़ें। भगवान शिव का ध्यान करें और रोज कुछ समय शांत बैठकर अपने फैसलों की समीक्षा करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए ग्रहण 12वें भाव में पड़ेगा। यह खर्च, विदेश, यात्रा, नींद और एकांत का भाव है। अचानक खर्च सामने आ सकते हैं। विदेश या ऑनलाइन काम से जुड़ी कोई प्रक्रिया लंबी हो सकती है। नींद का पैटर्न बिगड़ने से थकान और मानसिक स्ट्रेस बढ़ सकता है। इस दौरान अकेले बैठकर ज्यादा सोचने के बजाय अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना बेहतर होगा। अनावश्यक खर्च रोकें और जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार भोजन कराएं।
किन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लग रहा है, इसलिए कुंभ राशि वालों पर इसका प्रभाव सबसे सीधे तौर पर देखा जा सकता है। इसके अलावा सिंह राशि में सूर्य के होने के कारण सिंह-कुंभ अक्ष भी सक्रिय रहेगा। ज्योतिषीय नजरिए से कुंभ, सिंह, वृषभ, वृश्चिक और मकर राशि वालों को इस दौरान ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि बाकी राशियों के लिए ग्रहण अशुभ ही रहेगा। किसी राशि के लिए यही ग्रहण पुराने मामले को खत्म करके आगे बढ़ने का मौका भी दे सकता है।
क्या 28 अगस्त के चंद्र ग्रहण का सूतक भारत में लगेगा
यहां एक महत्वपूर्ण बात है। 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। द्रिक पंचांग के अनुसार भारत के लिए सूतक भी लागू नहीं है। ग्रहण का अधिकतम चरण भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 9:43 बजे होगा, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा। इस वजह से भारत में रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार सामान्य पूजा-पाठ और दूसरे शुभ कार्यों पर ग्रहण संबंधी रोक लागू नहीं मानी जा रही है। रक्षाबंधन को लेकर भी स्थानीय पंचांग की मान्यता को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें
ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सामान्य धार्मिक जीवन पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जा रहा है। इसके बावजूद भी भगवान शिव का ध्यान करना, ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना और जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या वस्तु का दान करना इस दौरान शुभता प्रदान करेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
