Reservation Hatao Andolan: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के सदस्यों से मुलाकात की। कुछ दिन पहले ही सैकड़ों लोगों ने जाति के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण और अन्य सरकारी सहायता दिए जाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' नामक पेज के आह्वान पर 21 अगस्त को यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी और जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद टीम के सदस्यों हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ''इस संबंध में हम जल्द ही फिर मुलाकात करेंगे।''
क्या है आंदोलनकारियों की मांग?
जंतर-मंतर पर 21 अगस्त को आयोजित 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' में प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि सरकारी सहायता और आरक्षण के लिए पात्रता तय करने में जाति के बजाय आर्थिक मानदंड को प्राथमिकता दी जाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में 'क्रीमी लेयर' का प्रावधान लागू करने की मांग की। उन्होंने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित नीतियों में बदलाव की भी मांग की थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को हिरासत में लिया था।
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पुलिस का कहना था कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस, सभा या आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई थी। इलाके में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती समेत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
