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Intercontinental Cup Final: इस टीम को हराकर चैम्पियन बना भारत, सुनील छेत्री और छांगते ने किए गोल

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  • Updated Jun 18, 2023, 11:28 PM IST

Intercontinental Cup Final: ओडिशा के भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में रविवार को इंटरकांटिनेंटल कप का खिताबी मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में भारत का सामना लेबनान से हुआ। पहले हाफ टाइम में दोनों टीमों की ओर से गोल नहीं हुआ, जबकि फुल टाइम से पहले भारत ने दो गोलकर खिताब पर कब्जा जमाया।

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ट्राॅफी के साथ भारतीय फुटबॉल टीम। (फोटो- कल्याण चौबे के ट्विटर से)

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Intercontinental Cup Final: कप्तान सुनील छेत्री और लल्लिंजुआला छांगते के गोल के दम पर भारत ने इंटरकांटिनेंटल कप के फाइनल में रविवार को लेबनान को 2-0 से शिकस्त दी। मैच का पहला हाफ गोल रहित रहने के बाद अपने करियर के अंतिम दौर से गुजर रहे 38 वर्षीय छेत्री ने 46वें मिनट में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई। यह उनका 87वां अंतरराष्ट्रीय गोल है और सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने के मामले में वह तीसरे स्थान पर है।

इस गोल में मददगार की भूमिका निभाने वाले छांगते ने 66वें मिनट में टीम की बढ़त को दोगुना कर मैदान में भरे दर्शकों को झूमने का मौका दिया तो वहीं विश्व रैंकिंग में 99वें स्थान पर काबिज टीम को सन्न कर दिया। विश्व रैंकिंग में 101वें स्थान पर काबिज भारत ने दूसरी बार इस टूर्नामेंट को अपने नाम किया है। टीम ने 2018 में इसके शुरुआती सत्र के फाइनल में कीनिया को हराकर चैम्पियन बनीं थी जबकि 2019 उत्तर कोरिया ने खिताब जीता था और भारत चौथे और आखिरी स्थान पर रहा था।

उमस भरी गर्मी में दोनों टीमों के पास शुरुआती हाफ में बढ़त बनाने का मौका था लेकिन वे इसका फायदा उठाने में नाकाम रहे। यह हाफ उसी तरह था जैसा की दोनों टीमों ने दो दिन पहले राउंड रोबिन चरण के आखिरी मैच को गोलरहित ड्रॉ खेला था। इस दौरान भारत ने गेंद को अधिक समय तक अपने पास रखने पर ध्यान दिया तो वही लेबनान का जोर आक्रमण करने पर था। लेबनान ने भारतीय गोल पोस्ट की तरफ सात बार हमले किये तो वही गेंद को 58 प्रतिशत समय तब अपने नियंत्रण में रखने वाली भारतीय टीम तीन बार ही लेबनान के गोल पोस्ट की ओर आक्रमण की। हालांकि, मध्यांतर के बाद चीजें बदल गई।

सबसे पहले छांगते ने बॉक्स के पास से गेंद को अपने नियंत्रण में लेकर छेत्री को दिया और भारतीय कप्तान ने लेबनान के गोलकीपर अली सबेह को छकाने में कोई गलती नहीं की। टीम ने खिलाड़ियों के शानदार सामंजस्य से इस मौके को बनाया । निखिल पुजारी ने बेहद कम जगह में से लेबनान के खिलाड़ियों के बीच से गेंद को छांगते की ओर धकेला और इस खिलाड़ी ने अपने प्रेरणादायी कप्तान के लिए मौका बनाने में कोई गलती नहीं की।

एक गोल की बढ़त लेने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए छांगते के प्रयास से इस बढ़त को दोगुना कर दिया। स्थानापन्न नाओरेम महेश सिंह ने छेत्री के पास पर गोल करने का प्रयास किया लेकिन लेबनान के गोलकीपर ने उनके प्रयास को विफल कर दिया। गोलकीपर हालांकि गेंद को नियंत्रण में नहीं रख सके जो छिटक कर छांगते के पास गयी और खिलाड़ी ने गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया।

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