ईशान किशन ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना दोहरा शतक जड़ दिया, लेकिन इसके लिए उन्होंने जो मंच चुना वह शायद उन्हें दलीप ट्रॉफी 2026 की विजेता बना सकती है। साउथ जोन के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए ईशान ने दूसरे दिन 270 गेंद का सामना करते हुए 26 चौके और 2 छक्के की मदद से अपना पहला फर्स्ट क्लास दोहरा शतक जड़ा। दोहरा शतक जड़ने के बाद भी वह साउथ जोन के गेंदबाजों को छोड़ने के मूड में नहीं थे। नतीजा किशन ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 250 रन का आंकड़ा भी पार किया। हालांकि, मांसपेशियों में खिंचाव के कारण उन्हें 301 गेंदों में 27 चौकों और सात छक्कों की मदद से 250 रन बनाकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।
यह पहली बार नहीं हुआ है जब नॉकआउट मैच में ईशान ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी ली है। पिछले साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में झारखंड के कप्तान के तौर पर उन्होंने हरियाणा के खिलाफ 49 गेंदों में 101 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। दो शतक और दो अर्धशतकों की मदद से उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 517 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम में जगह मिली थी। घरेलू क्रिकेट में उनका शानदार प्रदर्शन दलीप ट्रॉफी में भी जारी रहा।
ट्रिपल सेंचुरी जड़ने का मौका
किशन भले ही रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए हों, लेकिन अगर वह बल्लेबाजी करने वापस आते हैं, तो उनके पास दलीप ट्रॉफी में ट्रिपल सेंचुरी जड़ने का मौका होगा। अब तक केवल दो बल्लेबाज ही यह कारनामा कर पाए हैं। 1987 में रमन लांबा ने पश्चिम जोन के खिलाफ उत्तर जोन के लिए 320 रन जबकि गगन खोड़ा ने 2001 में मध्य जोन के लिए दक्षिण जोन के खिलाफ 300* रन की पारी खेली थी।
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मैच की बात करें तो, ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। किशन के 250, कुमार कुशाग्रा के 101, शिखर मोहन के 85 रन और अभिमन्यु ईश्वरन के 72 रन की पारी के दम पर मैच के दूसरे दिन 600 रन का आंकड़ा पार कर लिया।
