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तीन साल से शतक नहीं, फिर भी ऑस्ट्रेलिया की टीम में मिली जगह, अब कोच बेली ने बताया क्यों मार्नस लाबुशेन को चुना

Australian Chief Selector George Bailey On Selection Of Marnus Labuschagne: साउथ अफ्रीका दौरे पर अक्टूबर में शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऐलान हुआ और इस टीम में लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन को भी जगह मिल गई है, जिससे सब हैरान हैं। मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली से जब इसको लेकर सवाल हुए तो उन्होंने क्या सफाई दी, यहां जानिए।

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मार्नस लाबुशेन

Photo : AP

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के मुख्य चयनकर्ता व पूर्व कप्तान जॉर्ज बेली ने खराब फॉर्म से जूझ रहे बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन के बारे में उम्मीद जताई है कि वे आने वाली साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज में अच्छा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ मार्नस ही नहीं, बल्कि पूरी बैटिंग यूनिट उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। 2023 में यूके में हुई एशेज सीरीज के बाद से टेस्ट में कोई शतक न लगाने के बावजूद, मार्नस टीम में अपनी जगह बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। उन्हें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में टॉप पर चल रही ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच 9 अक्टूबर से शुरू होने वाली अहम टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चुना गया है।

बांग्लादेश के खिलाफ पिछली सीरीज में मार्नस ने 1, 31 और 4 रन बनाए थे। उस सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश के मजबूत तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित नहीं कर पाई थी और डार्विन में एशियाई टीम से अपने ही घर में पहली बार हार भी गई थी। तब से इस शानदार दाएं हाथ के बल्लेबाज की फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है और उन्हें टीम से बाहर करने की मांग पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गई है।

2023 में यूके में एशेज दौरे के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ अपने आखिरी टेस्ट शतक के बाद से, मार्नस का टेस्ट में औसत 25.23 रहा है। उन्होंने 42 पारियों में सिर्फ 959 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम सिर्फ नौ अर्धशतक हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 90 रहा है। टीम चुने जाने के बाद बेली ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मार्नस को और रन बनाने की जरूरत है, लेकिन उनकी अच्छा योगदान देने की क्षमता पर भी भरोसा है।

ICC के अनुसार, बेली ने सोमवार को कहा, "हम इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं कि हम मार्नस से और रन चाहते हैं। यह साफ है, लेकिन हमें यह भी भरोसा है कि वह टीम में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। मुझे लगता है कि हमारा पूरा बैटिंग ग्रुप - सिर्फ मार्नस ही नहीं - शायद उतनी अच्छी तरह से प्रदर्शन नहीं कर रहा है जितना हम चाहते हैं, लेकिन हम इस बात से भी इनकार नहीं कर रहे हैं कि हमने उस दौरान कई टेस्ट मैच जीते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "और आखिरकार, मुझे लगता है कि यही सबसे अहम बात है, है ना? जिस टीम के खिलाफ आप खेल रहे हैं, उससे ज्यादा रन बनाना।" बेली ने उम्मीद जताई कि खराब फॉर्म से जूझ रहे बल्लेबाज अपनी तैयारी और खेल को बेहतर बनाना जारी रखेंगे, खासकर इसलिए क्योंकि वे दक्षिण अफ्रीका सीरीज के वनडे मैचों में नहीं खेल रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ने कहा, "साफ है कि इससे चीजें आसान हो सकती हैं या उन्हें सिर्फ रेड-बॉल क्रिकेट पर ध्यान देने का मौका मिल सकता है, क्योंकि वह इससे पहले होने वाली वनडे सीरीज़ का हिस्सा नहीं होंगे। तो यह एक फ़ायदा हो सकता है।" उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "वह इस दौरे के लिए बहुत अच्छी तरह और खास तौर पर तैयारी करेंगे। और जैसा कि मैंने कहा, 16 खिलाड़ियों वाली उस टीम में मुझे पूरा भरोसा है कि वह अब भी अच्छा योगदान दे सकते हैं।"

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मार्नस ने चार मैचों की छह पारियों में 29.60 की औसत से 148 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम सिर्फ़ एक फिफ्टी है और उनका बेस्ट स्कोर 79 रहा है। ICC के मुताबिक, लॉर्ड्स में पिछले साल हुए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद यह उनकी पहली भिड़ंत होगी और यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि कौन सी टीमें अगले साल ओवल में होने वाले फ़ाइनल में पहुंचेंगी।

2018 की विवादित सीरीज़ के बाद यह पहला मौका है जब ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज़ के लिए दक्षिण अफ़्रीका का दौरा कर रहा है। दौरे पर जाने वाली टीम में सिर्फ पांच खिलाड़ी ऐसे हैं - कप्तान पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड, मिशेल स्टार्क, स्मिथ और रेनशॉ - जो पहले भी दौरे वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं।

ऑस्ट्रेलिया अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की स्टैंडिंग में पहले स्थान पर है, जबकि मौजूदा चैंपियन दक्षिण अफ़्रीका दूसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश के साथ 1-1 से सीरीज़ ड्रॉ कराने के बाद इस सीरीज़ में उतरेगा।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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