रांची: हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर्स टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में सडन डेथ में हार के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल करने से चूक गई। फुल टॉइम तक मैच 2-2 की बराबरी पर रहा। इसके बाद मुकाबला शूटआउट में पहुंचा। जहां दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद सडन डेथ के पहले राउंड में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। लेकिन सडन डेथ के दूसरे राउंड में भारत गोल भी नहीं कर सका और अंत में कप्तान सविता गोल बचाने में भी नाकाम रहीं। इसके साथ ही भारतीय टीम का फाइनल में एंट्री के साथ ओलंपिक टिकट हासिल करने का सपना टूट गया। जर्मनी की टीम 12वीं बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल रही।
ब्रॉन्ज मेडल मैच है पेरिस की आखिरी आस
इस हार के बाद पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल करने का मौका ब्रॉन्ज मेडल मैच के रूप में भारतीय महिला हॉकी टीम के पास बचा है। शुक्रवार को भारतीय टीम को इसके लिए जापान से भिड़ना होगा। वहीं फाइनल में अमेरिका और जर्मनी की भिड़ंत होगी। ये दोनों टीमों पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल कर चुकी हैं।
शूट आउट में हुई 3-3 की बराबरी
भारत की गोलकीपर और कप्तान सविता ने पहला गोल जर्मनी को नहीं करने दिया। इसके बाद भारत की संगीता ने प्रयास को गोल में तब्दील करके 0-1 से आगे कर दिया। जर्मनी के लिए सोनिया जिमरमैन ने गोल करके जर्मनी को 1-1 से बराबरी करा दी। भारत के लिए दूसरा प्रयास सोनिका ने किया और वो भी सफल रहा और भारत 1-2 से आगे हो गया। जर्मनी के लिए तीसरा प्रयास करने आईं स्लोटर को सविता ने गोल नहीं करने दिया और स्कोर को 1-2 रहने दिया। नवनीत ने तीसरा प्रयास भारत के लिए किया और गोल नहीं कर सकीं। तीन-तीन प्रयास के बाद भारत 1-2 से आगे हो गया। चौथे प्रयास को जर्मनी की कप्तान ने गोल में तब्दील करके जर्मनी को 2-2 की बराबरी पर ला दिया। भारतीय टीम के लिए चौथा प्रयास नेहा ने किया और वो नाकाम रहीं। जर्मनी ने पांचवें प्रयास को गोल में तब्दील करके 3-2 की बढ़त बना ली। ऐसे में भारत के लिए सैमी ने गोल करके मैच को 3-3 की बराबरी के साथ सडन डेथ में पहुंचा दिया।
भारत ने किया मैच में पहला गोल
मैच में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। पहले क्वार्टर के पहले 14 मिनट में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। भारत को पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे दीपिका ने ड्रैग फ्लिक के जरिए गोल में तब्दील करके टीम इंडिया को 1-0 से आगे कर दिया। दूसरे क्वार्टर में भी पहले 13 मिनट दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं लेकिन मैच के 27वें मिनट में जर्मनी की शार्लेट स्टेपनहॉर्स्ट ने शानदार फील्ड गोल करके मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इस तरह फर्स्ट हाफ का अंत 1-1 की बराबरी के साथ हुआ।
चौथे क्वार्टर के आखिरी पांच मिनट में हुए दो गोल
तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच गोल के लिए मशक्कत हुई लेकिन कोई भी टीम कामयाब नहीं हुई। ऐसे में मुकाबला 1-1 की बराबरी के साथ चौथे क्वार्टर में पहुंच गया। चौथे क्वार्टर की शुरुआत(49वें मिनट) में ही दीपिका को गोल करने का शानदार मौका मिला लेकिन वो कामयाब नहीं हुईं। इसी तरह चौथे क्वार्टर में रस्साकशी चलती रही और साढ़े तीन मिनट शेष रहते जर्मनी ने दूसरा गोल कर दिया। इस गोल के साथ जर्मनी 2-1 की बढ़त बनाने में सफल हो गया। मैच के 90 सेकेंड शेष रहते भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे भारत ने गोल में तब्दील कर दिया। इशिका चौधरी ने भारत के लिए गोल किया और भारत 2-2 की बराबरी पर आ गया। इसके साथ ही मुकाबला हार-जीत के लिए शूट आउट में पहुंच गया।
