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RECORD: ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर फाइनल का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने

R Praggnanandhaa Wins Grand Chess Tour Final Title: भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद रमेशबाबू (R. Praggnanandhaa) ने ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना (Fabiano Caruana) के खिलाफ़ शानदार वापसी करते हुए फाइनल मैच जीता और ग्रैंड चेस टूर फाइनल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।

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प्रज्ञानंद ग्रैंड चेस टूर फाइनल का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने (Instagram/Grandchesstourofficial)

Grand Chess Tour Final: सेंट लुइस में गुरुवार (स्थानीय समय) को भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद रमेशबाबू (R. Praggnanandhaa) ने ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना (Fabiano Caruana) के खिलाफ़ शानदार वापसी करते हुए फाइनल मैच जीता और अपना पहला ग्रैंड चेस टूर फाइनल का खिताब अपने नाम किया। साथ ही, उन्होंने $200,000 का पहला इनाम भी जीता। इस जीत के साथ प्रज्ञानंद ने इतिहास रच दिया और वो ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दिन की शुरुआत कारुआना से छह अंक पीछे रहकर की थी, लेकिन जल्द ही मैच का रुख पलट दिया और बढ़त बनाने के लिए दोनों रैपिड गेम जीत लिए। इसके बाद उन्होंने ब्लिट्ज़ में कारुआना के साथ बराबरी का स्कोर बनाए रखा और 15-13 के फ़ाइनल स्कोर के साथ खिताब जीत लिया।

पहले ब्लिट्ज़ गेम में प्रज्ञानंद के पास जीतने के मौके थे, लेकिन समय की कमी के कारण उनसे गलती हो गई। उनकी स्थिति तेज़ी से खराब हो गई, लेकिन कारुआना इसका फ़ायदा नहीं उठा पाए और आख़िरकार गेम ड्रॉ पर खत्म हुआ।

ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने भी ग्रैंडमास्टर विंसेंट कीमर के खिलाफ तीसरे स्थान के मैच में वापसी की। दोनों खिलाड़ियों ने रैपिड राउंड में एक-एक गेम जीता, लेकिन ब्लिट्ज़ में सो का दबदबा रहा। उन्होंने चारों गेम जीते और एक गेम बाकी रहते ही मैच अपने नाम कर लिया। उन्होंने 18-12 से जीत हासिल की। इससे पहले, बुधवार को प्रज्ञानंद ने अपना दूसरा क्लासिकल गेम ड्रॉ कराया था, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी कारुआना छह अंकों की बढ़त बनाए हुए थे। युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर अपना पहला क्लासिकल गेम कारुआना से 0-6 से हार गए थे, लेकिन दूसरे क्लासिकल गेम को 3-3 से ड्रॉ कराने में सफल रहे।

इस मौके पर ग्रैंड चेस टूर ने X पर प्रज्ञानंद की दो दिलचस्प तस्वीरें भी पोस्ट कीं। इनमें एक तस्वीर में वो भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के साथ तब खड़े नजर आ रहे हैं जब वो काफी छोटे थे और दूसरी तस्वीर में ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानंद उसी तस्वीर को अपने हाथों में लिए नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि प्रज्ञानंद ही नहीं, भारत के तकरीबन सभी शतरंज खिलाड़ियों के लिए विश्वनाथन आनंद एक आदर्श रहे हैं।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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