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भारत को नहीं देखना चाहिए फीफा विश्व कप का सपना, ऐसा क्यों बोल गए पूर्व कोच मारकेज

FIFA World Cup 2026: मनोलो मारकेज का कार्यकाल भारतीय टीम के साथ छोटा रहा। जुलाई 2025 में उन्होंने पद छोड़ दिया था। उनके रहते भारत आठ मैचों में सिर्फ एक जीत दर्ज कर पाया। इसके बावजूद वह भारतीय फुटबॉल को करीब से समझते हैं।

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फीफा वर्ल्ड कप (फोटो साभार- FIFA)

FIFA World Cup 2026: अमेरिका में चल रहे 2026 विश्व कप में पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। फीफा 2030 वर्ल्ड कप में टीमों की संख्या 64 करने पर भी विचार कर रहा है। 2030 संस्करण की मेजबानी मोरक्को, पुर्तगाल और स्पेन करेंगे, जबकि शुरुआती तीन मैच अर्जेंटीना, पराग्वे और उरुग्वे में खेले जाएंगे। इसे लेकर भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व हेड कोच मनोलो मारकेज ने फीफा विश्व कप के लगातार विस्तार पर कड़ी आपत्ति जताई है। स्पेन के रहने वाले मारकेज का मानना है कि टीमों की संख्या बढ़ाने से टूर्नामेंट की गुणवत्ता गिरेगी। साथ ही उन्होंने साफ कहा कि भारत जैसे देशों को विश्व कप का सपना देखने से पहले जमीनी स्तर पर काम करना होगा।

मारकेज ने फीफा वर्ल्ड कप के विस्तार पर जताई आपत्ति

बार्सीलोना से पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मारकेज ने कहा, “मेरी राय दूसरों से अलग है। मुझे यह वाला विश्व कप पसंद नहीं। ज्यादा टीमों का मतलब है कम क्वालिटी। मुझे नहीं पता अगले या उससे अगले वर्ल्ड कप में 64 टीमें होंगी। अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन सभी 200 देश वर्ल्ड कप खेलेंगे।” मारकेज ने भारतीय फुटबॉल की दिशा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के विदेशी खिलाड़ियों को टीम में शामिल करके भारत तुरंत अच्छे नतीजे पा सकता है, लेकिन लंबी अवधि के लिए यह समाधान नहीं है। “भारत को ग्रासरूट पर ध्यान देना चाहिए। बांग्लादेश सही दिशा में काम कर रहा है। वह हर आयु वर्ग में लगातार बेहतर हो रहा है। भारत को यूथ टूर्नामेंट और युवा खिलाड़ियों पर फोकस करना होगा।”

भारत के कोच रह चुके हैं मनोलो मारकेज

मनोलो मारकेज का कार्यकाल भारतीय टीम के साथ छोटा रहा। जुलाई 2025 में उन्होंने पद छोड़ दिया था। उनके रहते भारत आठ मैचों में सिर्फ एक जीत दर्ज कर पाया। इसके बावजूद वह भारतीय फुटबॉल को करीब से समझते हैं। मारकेज की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब फीफा वर्ल्ड कप को ज्यादा समावेशी बनाने की बात कर रहा है। लेकिन पूर्व कोच का मानना है कि क्वांटिटी के चक्कर में क्वालिटी से समझौता नहीं होना चाहिए। भारत के लिए उनका संदेश साफ है—विदेशी मूल के खिलाड़ियों का शॉर्टकट छोड़कर अकादमी, कोचिंग और स्कूल लेवल से टैलेंट तैयार करो। तभी भारत सही मायने में वर्ल्ड कप के लिए तैयार होगा।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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