US Open: एलिना रिबाकिना ने आखिरकार फ्लशिंग मीडोज में अपनी किस्मत बदल दी। दो बार की डिफेंडिंग चैंपियन आर्यना सबालेंका के दो साल के राज को खत्म करते हुए कजाकिस्तान की स्टार ने 6-4, 5-7, 6-2 से जीत दर्ज कर अपना पहला US Open खिताब और साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम जीत लिया।आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त रिबाकिना ने टॉप सीड सबालेंका के खिलाफ बेहद संयमित खेल दिखाया।
रिबाकिना ने जीता US Open
सबालेंका तीसरी बार लगातार US Open जीतने का सपना देख रही थीं, लेकिन रिबाकिना ने उनके इस सपने को तोड़ दिया। इस जीत के साथ ही रिबाकिना ने वर्ल्ड नंबर 1 रैंकिंग भी दोबारा हासिल कर ली है। यह साल रिबाकिना और सबालेंका की राइवलरी के नाम रहा है। हेड-टू-हेड में भले ही सबालेंका अभी भी 10-7 से आगे हैं, लेकिन बड़े मौकों पर रिबाकिना ने पलटवार किया है। 2025 WTA फाइनल्स और 2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में रिबाकिना ने सबालेंका को हराया था, जबकि इंडियन वेल्स फाइनल और मियामी सेमीफाइनल में सबालेंका ने बदला लिया था। अब US Open जीतकर रिबाकिना ने इस साल की सबसे बड़ी जंग जीत ली।
खिताब जीतने के बाद क्या बोलीं रिबाकिना
एक इंटरव्यू में रिबाकिना ने कहा कि यह खिताब उनके करियर का सबसे बड़ा पल है। "मैं इस पल को सबसे ऊपर रखूंगी। पिछले कुछ हफ्तों में बहुत कुछ हुआ है। नंबर 1 बनना और अब US Open ट्रॉफी उठाना। मैं कई सालों से यहां आ रही थी और यह मेरे लिए कभी सफल ग्रैंड स्लैम नहीं रहा। अब चीजें बदल गई हैं और यह अविश्वसनीय है," उन्होंने कहा।
आसान नहीं रहा सफर
रिबाकिना के लिए यह सफर आसान नहीं था। पैर की चोट के कारण वह ठीक से प्रैक्टिस भी नहीं कर पाईं। "यह बहुत मुश्किल था। मैं प्रैक्टिस नहीं कर पा रही थी और बाकी सभी को तैयारी करते हुए देख रही थी। मैं हर दिन जिम में तीन घंटे रिकवरी करती थी। आसान नहीं था, लेकिन मैंने धैर्य रखा," रिबाकिना ने बताया। शुरुआती दौर में उन्हें अपने पैर को लेकर आशंका थी, लेकिन टीम के साथ मिलकर उन्होंने हर मैच में समाधान ढूंढा और अंत में चैंपियन बनकर दिखाया।
