स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में टॉस के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ हैंडशेक ना करना बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना पर भारी पड़ता दिख रहा है। क्योंकि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस मामले से पूरी तरह से अपने आप को अलग कर लिया है। बोर्ड ने यहां तक कह दिया कि हाथ ना मिलाने के फैसला निगार का था। कप्तान के इस फ़ैसले को बोर्ड की मंजूरी नहीं थी। वहीं, उनकी कप्तानी की समीक्षा की जाने के भी बात कही।
यह मामला महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल मैच के दौरान देखने को मिली। जब टॉस के दौरान बांग्लादेश की कप्तान निगार ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिला। इसके बाद से इस फैसले की आलोचना होने लगी। अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने साफ कर दिया है कि कप्तान के इस फ़ैसले को बोर्ड की मंजूरी नहीं थी।
'अपनी मर्जी से लिया फैसला'
क्रिकबज के अनुसार, BCB की महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि निगार ने अपनी मर्जी से ऐसा किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बोर्ड सभी क्रिकेट खेलने वाले देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बाबू ने कहा, बेशक, यह उनका अपना फैसला था हमारा मानना है कि खेल दुनिया को एक साथ लाते हैं। हम सभी देशों के साथ दोस्ताना संबंध चाहते हैं, न कि सिर्फ भारत के साथ, इसलिए उन्होंने जो कुछ भी किया, वह पूरी तरह से उनका निजी फैसला था।
BCB ने निगार के फैसले से बनाई दूरी बनाई
अब ध्यान टॉस वाली घटना से हटकर कप्तान के भविष्य पर चला गया है और बोर्ड ने पुष्टि की है कि एशियाई खेलों के बाद उनकी स्थिति का आकलन किया जाएगा। बाबू ने बताया कि निगार के खिलाफ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें भी दर्ज की गई हैं, जिससे उनकी लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। इन बातों से पता चलता है कि निगार का भविष्य हाथ मिलाने से जुड़े विवाद से नहीं, बल्कि बांग्लादेश के प्रदर्शन और उनके खिलाफ की गई शिकायतों से तय होगा।
