अगर कोई आपसे कहे कि वह बिना जूतों के हजारों किलोमीटर पैदल चलकर एक देश से दूसरे देश जाएगा, तो शायद आपको यकीन करना मुश्किल होगा लेकिन आयरलैंड के ईमोन कीवनी ने ऐसा कर दिखाया है। उन्होंने तुर्की के इस्तांबुल से अपने घर आयरलैंड तक 6,805.83 किलोमीटर की दूरी नंगे पांव तय की।
इस लंबी यात्रा को पूरा करने में उन्हें 369 दिन लगे। इस दौरान उन्होंने कई देशों को पार किया, अलग-अलग तरह की सड़कों पर चले और कभी तेज गर्मी तो कभी कड़ाके की ठंड का सामना किया।
ईमोन ने इससे पहले भी नंगे पांव सबसे लंबी यात्रा का रिकॉर्ड बनाया था। साल 2016 में उन्होंने आयरलैंड में 2,080.14 किलोमीटर बिना जूतों के चलकर यह रिकॉर्ड बनाया था। बाद में 2024 में पोलैंड के पावेल दुराकिविज ने 3,409.75 किलोमीटर की यात्रा करके यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। लेकिन ईमोन ने हार नहीं मानी। उन्होंने इससे भी कहीं लंबी यात्रा करने का फैसला किया और इस बार करीब दोगुनी दूरी तय कर फिर रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इतनी लंबी दूरी नंगे पांव तय करना बिल्कुल आसान नहीं था। ईमोन ने बताया कि लंबे समय तक डामर की सड़कों पर चलने से उनके पैरों के तलवों की त्वचा घिसती रही। कई बार स्थिति इतनी खराब हो गई कि उनके पैरों से खून तक निकल आया। रास्ते में उन्हें कांटों और कांच के छोटे-छोटे टुकड़ों का भी सामना करना पड़ा। एक बार पैर में चुभे काले कांटे की वजह से संक्रमण हो गया और उन्हें करीब एक सप्ताह तक सड़क से दूर रहना पड़ा। यात्रा खत्म होने से लगभग एक सप्ताह पहले उनके पैर के अंगूठे में भी चोट लग गई और उसमें छोटी सी फ्रैक्चर हो गई। इसे ठीक होने में एक महीने से ज्यादा समय लगा।
ईमोन के लिए सिर्फ पैरों का दर्द ही चुनौती नहीं था। मौसम ने भी उनका खूब इम्तिहान लिया। हंगरी से गुजरते समय गर्मियों में उन्हें बेहद तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। कई बार गर्मी इतनी ज्यादा थी कि उन्हें एक-दो दिन रुकना पड़ा। इसके बाद जब सर्दी आई तो उन्हें ठंड से जूझना पड़ा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके पैर एक तरफ मोटे और मजबूत होते जा रहे थे, तो दूसरी तरफ लगातार घिस भी रहे थे।
ईमोन की यात्रा इस्तांबुल से शुरू हुई। वहां से वह बुल्गारिया, रोमानिया, हंगरी और ऑस्ट्रिया होते हुए जर्मनी पहुंचे। इसके बाद फ्रांस, इंग्लैंड और वेल्स को पार करते हुए आखिरकार आयरलैंड पहुंचे। उनकी गर्लफ्रेंड एली ने यात्रा के शुरुआती हिस्से में उनका साथ दिया, हालांकि वह जूते पहनकर चल रही थीं। ईमोन ने पूरा रास्ता पहले से तय जरूर किया था, लेकिन वह इसे एक सख्त योजना की तरह नहीं देखते थे। रास्ते में परिस्थितियों के हिसाब से अगले कुछ दिनों की यात्रा तय करते थे।
नंगे पांव सड़क पर चलते हुए ईमोन को हजारों लोगों की हैरान नजरों का सामना करना पड़ा। हालांकि, ज्यादातर लोग उनसे दोस्ताना तरीके से पेश आए। तुर्की में एक परिवार ने तो उन्हें कॉफी और नाश्ते के लिए अपने घर बुलाया। इससे भी खास बात यह थी कि एक दिन पहले उन्हें एक कुत्ते ने काट लिया था और उन्हें रेबीज का टीका लगवाना था। परिवार की पोती ने उनके लिए अस्पताल का रास्ता समझाने के लिए एक छोटा सा नक्शा तक बना दिया।
एक साल से ज्यादा समय तक सड़क पर रहने के बाद ईमोन फिलहाल अपनी इस बड़ी यात्रा से उबर रहे हैं। इतनी मुश्किलों के बावजूद उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि मजबूत इरादे हों तो इंसान अपनी सीमाओं को भी चुनौती दे सकता है।