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चोटिल दिव्यांशी के तेवर पड़े नरम, एशियाड से बाहर करने का फैसला किया स्वीकार

भारतीय वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज से वायरल हुआ। इसमें दिव्यांशी ने एशियाई खेलों की टीम से बाहर किए जाने के बाद निराशा जाहिर की थी और फेडरेशन पर भेदभाव का आरोप लगाया था। हालांकि, अब दिव्यांशी के तेरव नरम पड़ गए हैं। एक नए वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्हें इस खेल संस्था का पूरा समर्थन मिल रहा है।

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दिव्यांशी चौधरी के नरम पड़े तेवर। फोटो- स्क्रीन ग्रैब

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने चोट के कारण एशियाई खेलों की टीम से बाहर किए जाने के बाद खेल के राष्ट्रीय महासंघ के खिलाफ अपना गुस्सा उतारा था, लेकिन अब उनके तेवर नरम पड़ गए हैं और उन्होंने कहा कि उन्हें इस खेल संस्था का पूरा समर्थन मिल रहा है।

खेल मंत्रालय ने 22 अगस्त को जो सूची जारी की थी उसमें दिव्यांशी को आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए सात सदस्यीय वुशु टीम में शामिल किया गया था। लेकिन उनके चोटिल हो जाने के बाद उनकी जगह एशियाई खेलों की दो बार की पदक विजेता नोरम रोशिबिना देवी को महिला 60 किलोग्राम वर्ग में शामिल किया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

इसके बाद दिव्यांशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में दावा किया था कि डॉक्टरों ने चोट के बावजूद उन्हें एशियाई खेलों में भाग लेने की अनुमति दे दी थी, लेकिन एक नए वीडियो में उन्होंने भारतीय वुशु महासंघ (डब्ल्यूएआई) के फैसले को स्वीकार कर लिया है।

अब फिटनेस को बताया महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा, मेरे फेडरेशन ने मुझे समझाया कि फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण है ताकि मैं भविष्य में भारत के लिए पदक जीत सकूं। मैं सोच रही थी कि फेडरेशन मेरा साथ नहीं दे रहा है लेकिन अब मुझे समझ आ गया है कि वह मेरे साथ है और 2030 में होने वाले एशियाई खेलों के लिए मुझे अपना पूरा समर्थन देगा।

'फिर वापसी करूं'

दिव्यांशी ने कहा, महासंघ चाहता है मैं चोट से पूरी तरह उबर जाऊं और फिर वापसी करूं। पहले मुझे यह बात समझ नहीं आई। यहां तक कि खेल मंत्री (मनसुख मांडविया) ने भी मुझे चोट से उबरने के महत्व को समझाया।

रोशिबिना पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उनकी जगह लेने वाली नोरम रोशिबिना देवी ने उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया। दिव्यांशी ने आगे कहा, रोशिबीना ने मुझे और मेरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि एक खिलाड़ी इस हद तक गिर सकती है। जून से लेकर अब तक वह लगातार मुझे और मेरे परिवार को परेशान कर रही है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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