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आसमान में चलता-फिरता किला: पुतिन के 'Flying Kremlin' में क्या-क्या होता है, ये कितना ताकतवर?

व्लादिमीर पुतिन के विमान को दुनिया भर में "फ्लाइंग क्रेमलिन" (Flying Kremlin) या डूम्सडे प्लेन (Doomsday Plane) के नाम से जाना जाता है। क्या है इसकी ताकत और इसमें क्या-क्या होता, आपको विस्तार से बता रहे हैं।

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Flying Kremlin में क्या-क्या होता है?
Authored by: अमित कुमार मंडल
Updated Sep 13, 2026, 14:53 IST
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18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नई दिल्ली पहुंचे, तो उनके साथ-साथ उनके विशेष विमान की चर्चा भी जोरों पर रही। पुतिन जिस विमान से यात्रा करते हैं, उसे आधिकारिक तौर पर इल्यूशिन Il-96-300PU (Ilyushin Il-96-300PU) कहा जाता है। लेकिन अपनी बेजोड़ सुरक्षा, अभेद्य रक्षा प्रणालियों और उड़ते हुए महल जैसे ऐशो-आराम के कारण इसे दुनिया भर में "फ्लाइंग क्रेमलिन" (Flying Kremlin) या डूम्सडे प्लेन (Doomsday Plane) के नाम से जाना जाता है। क्या है इसकी ताकत और इसमें क्या-क्या होता, आपको विस्तार से बता रहे हैं।

नाम में छिपा है असली काम

सामान्य कमर्शियल Il-96 विमानों से अलग, राष्ट्रपति पुतिन के विमान के नाम में PU जुड़ा होता है। रूसी भाषा में इसका मतलब होता है "पुनक्ट उप्रावलेनिया" (Punkt Upravleniya), यानी कमांड पोस्ट। इसका सीधा अर्थ है कि यह सिर्फ राष्ट्रपति को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाला साधारण जेट नहीं है, बल्कि यह हवा में उड़ता हुआ रूस का पूर्ण सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण केंद्र है। अगर जमीन पर कोई संकट या परमाणु युद्ध जैसी स्थिति भी पैदा हो जाए, तो पुतिन इसी विमान में बैठकर पूरे देश और रूसी सशस्त्र बलों को संचालित कर सकते हैं।

कितना ताकतवर है 'फ्लाइंग क्रेमलिन'?

यह विमान आधुनिक रक्षा और निगरानी तकनीकों का एक बेजोड़ संयोजन है, जो इसे किसी भी संभावित हमले से बचाता है। विमान में विशेष एन्क्रिप्टेड सैटेलाइट संचार प्रणाली मौजूद है। इसके जरिए राष्ट्रपति हवा में रहते हुए भी रूसी सेना के तीन अंगों (थल, नभ और जल) और परमाणु हथियारों की कमान संभाल सकते हैं।

एंटी-मिसाइल सुरक्षा प्रणाली

Il-96-300PU में लेजर-आधारित एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगा हुआ है। अगर कोई दुश्मन मिसाइल या इंफ्रारेड होमिंग मिसाइल इसकी तरफ दागी जाती है, तो इसका लेजर सिस्टम मिसाइल के सेंसर को अंधा कर देता है।

इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और राडार जैमिंग

इसमें लगे इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मेजर (ECM) दुश्मन के राडार और ट्रैकिंग सिस्टम को पूरी तरह जैम (दिशाहीन) करने में सक्षम हैं।

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) से सुरक्षा

परमाणु विस्फोट या किसी उच्च-ऊर्जा वाले हथियार से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स का इस विमान के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कोई असर नहीं पड़ता।

चार इंजन और लंबी रेंज

चार स्वदेशी Aviadvigatel PS-90A टर्बोफैन इंजनों से लैस यह विमान बिना रीफ्यूलिंग के 11,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकता है।

अंदर कैसा दिखता है यह विमान?

सुरक्षा के मोर्चे पर जितना सख्त है, अंदरूनी साज-सज्जा के मामले में यह विमान उतना ही भव्य है। इसके इंटीरियर को रूसी कला और क्रेमलिन की ऐतिहासिक भव्यता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। विमान के अंदरूनी कमरों, बाथरूम और फिटिंग्स में 24-कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है। फर्नीचर और दीवारों पर रूस की दुर्लभ 'करेजियन बर्च' लकड़ी और प्रीमियम लेदर का इस्तेमाल किया गया है।

इसमें राष्ट्रपति के लिए एक निजी बेडरूम, एक भव्य ऑफिस, विशाल कॉन्फ्रेंस रूम (जहाँ बोर्डरूम-शैली में बैठकें होती हैं) और एक विश्राम लाउंज है। लंबी उड़ानों के दौरान राष्ट्रपति की फिटनेस के लिए विमान में एक छोटा वर्कआउट एरिया/जिम और किसी भी आपात स्थिति के लिए एक अत्याधुनिक मेडिकल कंपार्टमेन्ट (आईसीयू सुविधाओं के साथ) भी मौजूद रहता है।

'डबल-डेकॉय' रणनीति: पुतिन की अभेद्य सुरक्षा का राज

पुतिन की सुरक्षा की एक सबसे अनोखी बात यह है कि जब भी वे किसी अंतरराष्ट्रीय दौरे पर निकलते हैं, तो केवल एक नहीं, बल्कि एक जैसे दो Il-96-300PU विमान एक साथ उड़ान भरते हैं। दोनों विमानों का लुक, नंबर और डिजाइन बिल्कुल समान होता है। उड़ान के समय केवल पुतिन के सबसे करीबी सुरक्षा दस्तों (FSO) को ही यह पता होता है कि राष्ट्रपति वास्तव में किस विमान में सवार हैं। इस रणनीति को 'डिकॉय' (Decoy) कहा जाता है, ताकि किसी भी स्थिति में राष्ट्रपति की सटीक लोकेशन का पता न लगाया जा सके।

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