ग्लास्गो: भारत की 24 साल की महिला मुक्केबाज जैस्मिल लंबोरिया ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और गोल्ड मेडल 57 किग्रा भारवर्ग में पक्का कर दिया। लंबोरिया ने डिफेंडिंग चैंपियन नॉर्दन आयरलैंड की मिकेला वॉल्श को पटखनी देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। प्रीति पवार के बाद जैस्मीन ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय बनी हैं।
5-0 के अंतर से दी डिफेंडिंग चैंपियन को मात
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने वॉल्श के खिलाफ शानदार शुरुआत की और पहला राउंड 3-2 से अपने नाम कर लिया। इसके बाद उन्होंने लय को बरकरार रखते हुए दूसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए 5-0 से जीत दर्ज कर ली। 5 फुट 9 इंच लंबी जैस्मिन ने तीसरे राउंड में भी अपना दबदबा बरकार रखा और 5-0 के निर्णय के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। डिफेंडिंग चैंपियन वॉल्श को लंबोरिया ने 29-28, 29-28, 29-28, 30-27, 30-27 के अंतर से मात दी।
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भारतीय सेना की राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली महिला बॉक्सर
भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत जैस्मिन लंबोरिया के गोल्ड मेडल के साथ भारत के खाते में 7 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 कांस्य पदक सहित कुल 25 मेडल हो गए हैं। पदक तालिका में भारत छठे पायदान पर काबिज हो गया है। जैस्मिन भारतीय सेना की राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं।
मुक्केबाजों से परफेक्ट -10 की आस
प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया के गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारत के आठ और मुक्केबाज अंकुश पंघल(पुरुष 80 किग्रा), अरुंधति चौधरी (विमेंस 70 किग्रा), जादुमणि सिंह (पुरुष 55 किग्रा), साक्षी चौधरी( विमेंस 51 किग्रा), प्रिया घंघास(विमेंस 60 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन( विमेंस 75 किग्रा), सचिन सिवाच(पुरुष 60 किग्रा), नरेंदर बेरवाल(90 किग्रा) गोल्ड मेडल जीतने के कगार पर हैं। भारतीय प्रशंसक मुक्केबाजों से परफेक्ट 10 गोल्ड की उम्मीद कर रहे हैं।
