31 मई 1984, एक ऐसा दिन जब दुनिया को वनडे क्रिकेट के सबसे बड़ी और अच्छी पारी नसीब हुई। एक ऐसा दिन जब दुनिया ने देखा कि वनडे क्रिकेट में कोई बल्लेबाज इस तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी भी कर सकता है जो वर्षों तक फैंस न भूल सकें। जिसने भी इस पारी को देखा सबकी जुबां पर बस एक ही बात थी कि क्या ये संभव है।
इंग्लैंड दौरे पर थी वेस्टइंडीज
वेस्टइंडीज की टीम वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर थी। पहला वनडे मैच मेनचेस्टर में खेला गया था। इस मैच में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 9 विकेट के नुकसान पर 272 रन बनाए। वेस्टइंडीज की तरफ से अकेले विवियन रिचर्ड्स ने नाबाद 189 रन की पारी खेली।
वनडे की सबसे बेहतरीन पारी
विवियन रिचर्ड्स ने इस मैच में 111.17 की स्ट्राइक रेट से 170 गेंद पर नाबाद 189 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 21 चौके और 5 छक्के जड़े। उनकी यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि एक तरफ वेस्टइंडीज लगातार अपने विकेट गंवा रही थी दूसरी तरफ विवियन रिचर्ड्स अकेले मैदान पर डटे हुए थे। एक वक्त वेस्टइंडीज की टीम 102 रन के स्कोर पर 7 विकेट गंवा चुकी थी।
166 के स्कोर पर टीम 9 विकेट गंवा चुकी थी। लेकिन रिचर्ड्स ने वेस्टइंडीज के स्कोर को 9 विकेट के नुकसान पर 272 रन तक पहुंचा दिया। आखिरी विकेट के लिए उन्होंने 106 रन की साझेदारी की। इनके अलावा केवल माइकल होल्डिंग और एलडाइन बापटिस्टे ही दोहरे अंक तक पहुंच पाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 168 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। नतीजा वेस्टइंडीज ने 104 से मुकाबला जीत लिया था। वेस्टइंडीज की तरफ से जोएल गार्नर ने 3 और माइकल होल्डिंग ने 2 विकेट झटके थे।
