क्रिकेट

वैभव सूर्यवंशी को सुपर ओवर में नहीं मिली स्ट्राइक, श्रीलंका-ए के खिलाफ हारी टीम इंडिया

Sri Lanka A vs India A: इंडिया-ए को श्रीलंका-ए के हाथों सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर में 17 रन का पीछा करते हुए टीम इंडिया जीत से 8 रन दूर रह गई। सुपर ओवर में वैभव सूर्यवंशी को पहली तीन गेंदों में स्ट्राइक ही नहीं मिली।

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वैभव सूर्यवंशी (X)

Sri Lanka A vs India A: इंडिया-ए को त्रिकोणीय वनडे सीरीज के एक मुकाबले में श्रीलंका-ए के हाथों सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर में 17 रन का पीछा करते हुए टीम इंडिया जीत से 8 रन दूर रह गई। रोशनी कम होने और विवादित अंपायरिंग के बीच खेले गए सुपर ओवर में श्रीलंका-ए ने पहले खेलते हुए 16 रन बनाए थे। भारतीय टीम को श्रीलंका-ए के खिलाफ सुपर ओवर में जीत के लिए 17 रनों की दरकार थी।

पहली तीन गेंदों पर वैभव को नहीं मिली स्ट्राइक

हालांकि, जब भारतीय टीम सुपर ओवर में लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो वैभव सूर्यवंशी की बजाय सातवें नंबर के बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे ने स्ट्राइक ली। कुगाथस मथुलन की पहली तीन गेंदों तक वैभव को स्ट्राइक नहीं मिली। पहली तीन गेंदों में शेडगे सिर्फ 3 रन ही बना पाए। वैभव जब चौथी गेंद पर पहली बार स्ट्राइक लेने आए तो उन्होंने इस पर 2 रन बनाए। वहीं पांचवीं पर वैभव ने चौका जड़ा। अब आखिरी गेंद पर टीम इंडिया को जीत के लिए 8 रनों की दरकार थी। इस गेंद को मथुलन ने सटीक यॉर्कर डाली और वैभव इस पर रन बनाने से चूक गए। इसके साथ ही इंडिया-ए मैच हार गई। हो सकता है कि अगर वैभव सूर्यवंशी पहली गेंद से स्ट्राइक पर होते तो टीम इंडिया जीत जाती। वैभव को सुपर ओवर में देर से स्ट्राइक मिलना और अंपायरिंग के विवादित फैसले भारतीय टीम पर भारी पड़ गए।

दोनों टीमों का स्कोर हो गया था टाई

इससे पहले भारतीय-ए टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 265 रन बनाए थे और श्रीलंका-ए को जीत के लिए 266 रनों का टारगेट दिया था। एक समय 6 विकेट पर 229 रन बनाकर श्रीलंका-ए की टीम जीत की दावेदार नजर आ रही थी। हालांकि, अंत में श्रीलंका-ए की टीम भी 9 विकेट खोकर 265 रन ही बना पाई और मैच सुपर ओवर में चला गया। जिसे श्रीलंका-ए ने भारत-ए को 8 रनों से हराकर जीत लिया।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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