Suryakumar Yadav Recalls Ishan Kishan: भारत के टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हाल ही में समाप्त हुए टूर्नामेंट में ईशान किशन के योगदान की सराहना की। किशन की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी एक शानदार वापसी की कहानी बयां करती है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर टी20 विश्व कप टीम में अपनी जगह पक्की की।
वह शुरू में सिर्फ एक बैक-अप खिलाड़ी थे, लेकिन विश्व कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उनकी सनसनीखेज पारियों और संजू सैमसन के खराब फॉर्म को देखते हुए किशन को भारत के लिए अभियान की शुरुआत करने का मौका मिला। बाद में, सैमसन की वापसी हुई और इसका फायदा मिला। क्योंकि अभिषेक के साथ उनकी जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, किशन ने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए फाइनल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
'क्या तुम मेरे लिए विश्व कप जीतोगे?'
आईसीसी से बात करते हुए सूर्यकुमार ने विश्व कप के लिए टीम चयन के दौरान किशन के साथ हुई अपनी बातचीत और उनसे पूछे गए सवाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा, टूर्नामेंट से पहले, मुझे अभी भी याद है जब हम टीम का चयन कर रहे थे। मेरी उनसे फोन पर बात हुई और मैंने उनसे पूछा, 'क्या आप मेरे लिए विश्व कप जीतेंगे?'
उन्होंने कहा, 'बस थोड़ा सा भरोसा दिखाओ, मैं कर दूंगा। और उन्होंने निराश नहीं किया। पिछले दो सालों में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई मौके नहीं मिले, लेकिन फिर वे घरेलू क्रिकेट में वापस लौटे, अपना योगदान दिया, कड़ी मेहनत की, भारतीय टीम में वापसी की और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
9 मैच में बनाए 317 रन
विश्व कप के दौरान ईशान किशन ने शीर्ष क्रम में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 9 मैचों में 35.22 के औसत और 193 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। वह टूर्नामेंट में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे, जिन्होंने तीन अर्धशतक लगाए। टूर्नामेंट में बल्ले से उनके शानदार प्रदर्शन के चलते वह आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। वहीं, अभिषेक शर्मा फाइनल में 18 गेंदों में अर्धशतक लगाने के बाद शीर्ष पर बने हुए हैं।
संजू ने भी किया कमबैक
सैमसन ने वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन करते हुए इस मौके को पूरी तरह से भुनाया। उन्होंने आखिरी तीन मैचों में लगातार तीन बार 80 से अधिक रन बनाए और कुल 321 रन बनाए। यह किसी भारतीय द्वारा एक ही टी20 विश्व कप संस्करण में बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है, और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार भी मिला।
