नई दिल्ली: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बरकरार रहना चाहते थे, लेकिन बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को दूसरा कार्यकाल देने के कोई मायने नहीं है। गांगुली सोमवार को आंतरिक बीसीसीआई बैठक में शामिल होने के लिए मुंबई में थे, जो कि 18 अक्टूबर को होने वाले चुनावों से पहले हुई।
पीटीआई के मुताबिक सौरव गांगुली को आईपीएल चेयरमैन बनने का प्रस्ताव दिया गया, जो कि इस समय ब्रजेश पटेल के पास है, लेकिन पूर्व कप्तान ने इसे स्वीकार नहीं किया। गांगुली पिछले सप्ताह नई दिल्ली में थे, जहां उन्होंने बीसीसीआई हितधारकों से अपने भविष्य के बारे में बातचीत की थी।
बीसीसीआई के सूत्र ने पीटीआई के हवाले से कहा, 'सौरव गांगुली को आईपीएल चेयरमैन की पेशकश की गई, लेकिन उन्होंने अदब से इसे स्वीकार करने से मना कर दिया। गांगुली का लॉजिक था कि वो बीसीसीआई में उप-समिति के अध्यक्ष नहीं बन सकते जबकि उसी संस्था की अध्यक्षता कर चुके हैं। उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बने रहने की इच्छा जाहिर की।'
बहरहाल, मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बीसीसीआई के मौजूदा कोषाध्यक्ष अरुण सिंह धूमल नए आईपीएल चेयरमैन के रूप में ब्रजेश पटेल की जगह लेंगे। फैसला लेने वालों ने पहले गांगुली के जवाब का इंतजार किया और जब पूर्व कप्तान ने इंकार किया तो धूमल का नाम आगे बढ़ाया। ध्यान हो कि जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट नियुक्त प्रशासकों की समिति को भंग किया था, उसके बाद सौरव गांगुली को निर्विरोध बीसीसीआई अध्यक्ष चुना गया था। जय शाह को अक्टूबर 2019 में बीसीसीआई सचिव नियुक्त किया गया था।
गांगुली और शाह दोनों ने पिछले तीन सालों में बीसीसीआई के प्रशासन का कार्य संभाला और इस दौरान कई चुनौतियों से ऊपर आए। इसमें कोविड-19 महामारी के दौरान प्रमुख टूर्नामेंट्स की मेजबानी शामिल है। फिलहाल, सौरव गांगुली की जगह लेने के सबसे मजबूत दावेदार रोजर बिन्नी बने हुए हैं। 1983 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के ऑलराउंडर बिन्नी ने मंगलवार को अपना नामांकन भरा। जय शाह के अपने पद पर बरकरार रहने की उम्मीद है। उम्मीद है कि सभी-शक्तिशाली आईसीसी बोर्ड में गांगुली की जगह जय शाह लेंगे।
