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कुलदीप यादव को साइड लाइन कर रहे गिल और गंभीर! गॉल टेस्ट में दिखी झलक; कोलंबो टेस्ट से बाहर होने का खतरा

कुलदीप यादव अपने क्रिकेट करियर के एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका IPL 2026 का सफर उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और श्रीलंका के खिलाफ शुरुआती टेस्ट में भी वे सिर्फ एक विकेट ही ले पाए। चर्चा है कि सारांश जैन उनकी जगह ले सकते हैं, ताकि टीम को और बेहतर विकल्प मिल सकें। ऐसे में माना जा रहा है कि कुलदीप यादव अब धीरे-धीरे साइड लाइन किए जा रहे हैं।

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दूसरे टेस्ट मैच से बाहर हो सकते हैं कुलदीप यादव। फोटो- BCCI

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कुलदीप यादव अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। इंग्लैंड के हालिया व्हाइट-बॉल दौरे में भारत के दोनों सीरीज (टी20 और वनडे) में इस बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। IPL 2026 में भी उनका प्रदर्शन औसत ही रहा। लखनऊ सुपर जायंट्स में ट्रेड किए जाने से पहले, दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते हुए कुलदीप ने 12 मैचों में 38.10 की औसत और 10.29 की इकॉनमी रेट से सिर्फ 10 विकेट लिए थे। हालांकि, चाइनामैन ने इंग्लैंड के यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब (Yorkshire) के लिए वनडे कप में शानदार प्रदर्शन किया था।

इंग्लैंड में पिछले साल हुई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में कई पूर्व क्रिकेटरों के समर्थन के बावजूद भारत ने उन्हें एक भी टेस्ट मैच में नहीं खिलाया। अपनी पिछली पांच पारियों में उन्होंने 54.5 ओवर फेंके, 213 रन दिए और चार विकेट लिए, जबकि तीन बार उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। ऐसे में रेड बॉल के साथ भी कुलदीप का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। हालांकि, कुलदीप ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्हें वापसी करना आता है। कई क्रिकेट विशेषज्ञों और दिग्गज खिलाड़ियों का मानना है कि उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार, मौके नहीं मिले है। इसके चलते उनका आत्मविश्वास खो सा गया है।

गॉल टेस्ट में मिली कम गेंदबाजी

अब रविवार से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में श्रीलंका के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले उन पर दबाव है। गॉल में हुए पहले टेस्ट में कुलदीप ने कुल 25 ओवर में 103 रन देकर सिर्फ एक विकेट लिया था। उन्होंने पहली पारी में 14 ओवर और दूसरी पारी में 11 ओवर फेंके थे। इसके विपरीत मानव सुथार ने 45.2 ओवर और रवींद्र जडेजा ने 44 ओवर की गेंदबाजी की। यानी कि कुलदीप को ज्यादा गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला। जब से कुलदीप यादव ने टेस्ट किक्रेट में डेब्यू किया है, तब से भारत ने 89 मैच खेले हैं और इसमें से कुलदीप यादव ने मात्र 19 मैच खेले हैं।

गॉल टेस्ट के दौरान कमेंट्री कर रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने कहा, शुभमन को समझना होगा, टीम मैनेजमेंट को समझना होगा कि किस तरह से उनको संभालना चाहिए। क्योंकि वो ऐसे खिलाड़ी हैं, वर्ल्ड क्रिकेट में अगर आप देखेंगे तो ऐसे गेंदबाज आपको मिलेंगे नहीं। तो आप उन्हें जानें नहीं देंगे, उनको बहुत अच्छे से संभालेंगे और उनको जितना ज्यादा मौके देंगें उतना उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। विवेक राजदान ने भी समर्थन करते हुए कहा कि कुलदीप को और ज्यादा मौके मिलने चाहिए। उन्हें उतने ज्यादा मौके मिले नहीं हैं।

सारांश जैन को मिल सकती है जगह

श्रीलंका के बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुशा (100 और 84 रन) और निरोशन डिकवेला (पहली पारी में 80 रन) ने भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया, जिसके बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ऑफ-स्पिनर सारांश जैन को कुलदीप की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है। ताकि गेंदबाजी आक्रमण में विविधता लाई जा सके।

बहुतुले के बयान में दुविधा के संकेत

सारांश ने शुक्रवार को नेट्स में गेंदबाजी की। गॉल में, कुलदीप का प्रदर्शन उनके साथी बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार और रवींद्र जडेजा के मुकाबले कमजोर रहा था। फिलहाल, टीम मैनेजमेंट उनका समर्थन कर रहा है। भारत के स्पिन-गेंदबाजी कोच सायराज बहुतुले ने कहा कि कुलदीप दूसरे टेस्ट के लिए टीम की योजनाओं का हिस्सा बने हुए हैं और उन्हें 'मैच-विनर' बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी इशारा किया कि कोलंबो की परिस्थितियों के अनुसार, टीम कॉम्बिनेशन का फैसला किया जाएगा।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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