मेलबर्न: उन्नीस साल के सैम कोंस्टास ने ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट में पदार्पण करते हुए यादगार शुरूआत की और भारत के खिलाफ आधुनिक समय के महान तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गेंदों का निडरता से सामना करते हुए अर्धशतकीय पारी खेली। एमसीजी पर 19 वर्षीय कोंस्टास ने पदार्पण में ऐसा प्रभाव पैदा किया जो ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन उनसे चाहता था।
कोंस्टास ने खेली 65 गेंद में 60 रन की पारी
कोंस्टास ने 65 गेंद में 60 रन की पारी खेली जिसमें बुमराह के पहले स्पैल में दो गगनदायी छक्के भी शामिल थे। इस ऑस्ट्रेलियाई युवा ने कहा,'मुझे लगता है कि शायद 20-30 साल पहले लोग शायद बहुत ‘डिफेंड’ करने के लिए कहते थे और लगभग पूरे दिन। लेकिन मुझे लगता है कि नयी पीढ़ी के पास नये शॉट हैं। यह मेरे लिए निश्चित रूप से रोमांचक पारी है। मुझे गेंदबाजों पर दबाव डालना पसंद है। उम्मीद है कि अगली पारी में इसका फायदा मिलेगा।
सोच समझकर की बुमराह के खिलाफ बल्लेबाजी
साल के शुरु में कोंस्टास ने भारत की अंडर-19 टीम के खिलाफ इस आयु वर्ग का विश्व कप फाइनल खेला जिसमें वह शून्य पर आउट हो गए थे। लेकिन सबसे खास बात बुमराह की गेंदबाजी का सामना करना रही। उन्होंने कहा,'निश्चित रूप से मैंने पहले से ही सोच-समझकर ऐसा किया था, विशेषकर रफ्तार के मामले में। लेकिन मैं सहज रहने की कोशिश कर रहा था। आज मैंने कुछ शॉट लगाए।'
बुमराह के एक ओवर में जड़े 18 रन
सैम कोंस्टास ने जसप्रीत बुमराह के खिलाफ एक ओवर में 18 रन (4, 0, 2, 6, 4, 2) जड़कर भारतीय गेंदबाजी क्रम के छक्के छुड़ा दिए। बुमराह की धुनाई के बाद मेलबर्न में भारतीय गेंदबाजी पटरी से उतरी नजर आ रही थी।
