Sai Sudarshan Failure: भारतीय युवा बल्लेबाज साईं सुदर्शन का टेस्ट करियर शानदार शुरुआत की उम्मीदों के बीच निराशाजनक रहा। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्हें दोनों पारियों में बेन स्टोक्स की गेंदबाजी के आगे घुटने टेकने पड़े। 23 वर्षीय सुदर्शन ने पहली पारी में शून्य पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में भी अच्छी शुरुआत के बावजूद अपनी विकेट गंवा दी, जिससे विशेषज्ञों और प्रशंसकों की आलोचना का सामना करना पड़ सकता है।
पहली पारी: नर्वसनेस की वजह से डक
साईं सुदर्शन को पहली पारी में लंच से ठीक पहले के आखिरी ओवर में बल्लेबाजी करने उतरना पड़ा। नर्वसनेस की वजह से वह एक ऐसी गेंद पर एज कर गए, जो लेग साइड में काफी दूर थी, और विकेटकीपर के हाथों कैच हो गए। हालांकि, डेब्यू मैच में नए बल्लेबाज का घबरा जाना स्वाभाविक था, इसलिए इस पारी में उनकी ज्यादा आलोचना नहीं हुई।
दूसरी पारी: स्टोक्स के जाल में फंसे सुदर्शन
लेकिन दूसरी पारी में सुदर्शन के आउट होने का तरीका चिंता का विषय रहा। पहली पारी की तरह ही इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने उनके लिए लेग साइड पर जाल बिछाया। पहली पारी में लेग स्लिप, फाइन लेग और मिडविकेट पर फील्डर्स रखकर स्टोक्स ने उन्हें फंसाया था।
दूसरी पारी में स्टोक्स ने राउंड द विकेट की बजाय ओवर द विकेट से गेंदबाजी की और सुदर्शन को एलबीडब्ल्यू या कैच आउट करने की कोशिश की। शुरुआत में तो स्टोक्स को सही लाइन नहीं मिल रही थी, लेकिन 21वें ओवर में उन्होंने सुदर्शन को एक बार फिर अपने जाल में फंसा लिया।
स्टोक्स ने पहले कुछ गेंदें ऑफ साइड पर फेंकीं, फिर अचानक मिडल स्टंप की ओर एक तेज इनस्विंगर डाली। सुदर्शन ने फिर से फ्लिक शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे जैक क्रॉली के हाथों में मिडविकेट पर चली गई। आउट होने के बाद सुदर्शन निराशा से मैदान पर ही खड़े रह गए।
आलोचना का सामना
पहली पारी में भारत के सभी बल्लेबाजों ने शुरुआती रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था, लेकिन सुदर्शन ऐसा नहीं कर पाए। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वह थोड़ा संयम दिखाते, तो बेहतर स्कोर बना सकते थे।क्रिकेट प्रशंसकों और विश्लेषकों ने पहली पारी में तो उन पर नरम रुख अपनाया, लेकिन दूसरी पारी में इसी गलती को दोहराने पर उनकी आलोचना हो सकती है। अब देखना यह है कि सुदर्शन आगे के मैचों में इस निराशाजनक शुरुआत से कैसे उबरते हैं।
