क्रिकेट

IND vs ENG: भारत के सहायक कोच रेयान ने बुमराह के पांचवें टेस्ट में ना खेलने को लेकर दिया ये बयान

Ryan ten Doeschate on Jasprit Bumrah: जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड में पांच में से तीन टेस्ट ही खेलने का निर्णय लिया और भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोइशे के अनुसार टीम प्रबंधन को उनके कार्यभार को देखते हुए इस फैसले का सम्मान करना सही लगा। बुमराह ने हेडिंग्ले में पहला टेस्ट खेला लेकिन एजबेस्टन में दूसरे टेस्ट से बाहर रहे।

Image

जसप्रीत बुमराह

Photo : AP

जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड में पांच में से तीन टेस्ट ही खेलने का निर्णय लिया और भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोइशे के अनुसार टीम प्रबंधन को उनके कार्यभार को देखते हुए इस फैसले का सम्मान करना सही लगा। बुमराह ने हेडिंग्ले में पहला टेस्ट खेला लेकिन एजबेस्टन में दूसरे टेस्ट से बाहर रहे । इसके बाद लॉडर्स और ओल्ड टैफर्ड में उन्होंने खेला। निर्णायक पांचवें टेस्ट से पहले बुमराह पर फैसला लेने के लिये भारतीय कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर ने ऐन मौके तक इंतजार किया।

पांचवें टेस्ट के पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में डोइशे ने कहा कि बुमराह जैसे खिलाड़ी को बाहर रखने का फैसला हमेशा कठिन होता है। उन्होंने कहा, "बुमराह का मसला पेचीदा है । हम चाहते थे कि वह खेले लेकिन उसके कार्यभार को देखते हुए हमें लगा कि उसे टीम में शामिल करना सही नहीं होगा । उसने काफी ओवर फेंके हैं । मुझे पता है कि ऐसा लगता नहीं क्योंकि उसने तीन ही टेस्ट खेले और मैनचेस्टर में एक ही पारी में गेंदबाजी की।"

डोइशे ने आगे कहा, "लेकिन उसका कार्यभार देखें तो उसने काफी ओवर डाले हैं । उसने दौरे से पहले ही कह दिया था कि वह तीन ही टेस्ट खेलेगा और हमें लगा कि उसके फैसले का सम्मान करना चाहिये।" ओवल की हरी भरी पिच पर बुमराह काफी उपयोगी साबित होते । क्या वह चोटों से भरे अतीत के कारण अपनी मर्जी से मैच चुन रहे हैं।

यह पूछने पर डोइशे ने कहा, "यह कहना सही नहीं होगा । उसने कहा था कि वह तीन ही मैच खेलेगा और उसने हम पर छोड़ दिया कि वह तीन मैच कौन से होंगे । हमने स्थिति को संभालने की कोशिश की है, यह आदर्श नहीं है, मुझे लगता है कि उन खिलाड़ियों पर ध्यान देना ज़रूरी है जो नहीं खेल रहे हैं , खासकर जब आपके पास 18 खिलाड़ी हों।"

उन्होंने कहा, "उन्हें बताना जरूरी है कि हम सभी फ़ैसले सद्भावना से टीम के सर्वोत्तम हित में ले रहे हैं और इसी वजह से जो खिलाड़ी नहीं खेले हैं, वे शानदार रहे हैं, उन्होंने पूरी टीम को प्रशिक्षित किया है, लेकिन जब उन्हें टीम से बाहर रखा जाता है तो वे निराश होते हैं।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!