आरसीबी ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई को 5 रन से पटखनी देकर फाइनल में जगह बना ली। मुंबई के सामने जीत के लिए 136 रन का लक्ष्य था, लेकिन मुंबई 6 विकेट के नुकसान पर 130 रन ही बना पाई। आखिरी ओवर में मुंबई को 12 रन चाहिए थे, लेकिन आशा शोभना ने सफलतापूर्वक डिफेंड कर आरसीबी को पहली बार WPL के फाइनल में पहुंचा दिया। शोभना ने आखिरी ओवर में न केवल 6 रन दिए बल्कि एक विकेट भी चटकाया। मुंबई की ओर से हरमनप्रीत के 33 रन के अलावा एमिलिया कर ने नाबाद 27 रन की पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए। आरसीबी की ओर से श्रेयांका पाटिल ने सर्वाधिक 2 विकेट चटकाए।
हरमन की विकेट रहा मैच का टर्निंग प्वाइंट
17.5 ओवर तक मुंबई मैच में बनी हुई थी। कप्तान हरमनप्रीत कौर 30 गेंद पर 33 रन बनाकर खेल रही थी, लेकिन श्रेयांका पाटिल की आखिरी गेंद पर हरमन सोफी डिवाइन को कैच देकर आउट हो गईं। इसके बाद मुंबई ने 12 गेंद के भीतर दो विकेट गंवाया। यह WPL इतिहास का सबसे लोएस्ट टोटल डिफेंड था।इससे पहले एलिसे पैरी की 66 रन की पारी के दम पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने 6 विकेट के नुकसान पर 135 रन बनाए। पैरी ने 50 गेंद में 66 रन की पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से साथ नहीं मिल सका। मुंबई के गेंदबाजों ने पावरप्ले के चार ओवरों के भीतर आरसीबी के तीन विकेट 24 रन पर गिरा दिये थे।
मुंबई के लिये हेली मैथ्यूज ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिये। उन्होंने सोफी डिवाइन को सबसे पहले पवेलियन भेजा।
कप्तान स्मृति मंधाना (10) को नेट सिवर ब्रंट ने आउट किया जबकि दिशा कसाट (0) ने बायें हाथ की स्पिनर साइका इशाक की गेंद पर पूजा वस्त्राकर को कैच थमाया। इशाक ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिये। मैथ्यूज ने दूसरा विकेट रिचा घोष के रूप में लिया जिन्होंने एक छक्का लगाया लेकिन टिककर खेल नहीं सकी।
आखिर में जॉर्जिया वेयरहम ने 10 गेंद में नाबाद 18 रन बनाये और आरसीबी को एक फाइटिंग स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
