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खराब बल्लेबाजी के लिए आलोचनाएं हो रही हैं, लेकिन ऋषभ पंत ने दिया कुछ ऐसा बयान

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 30, 2022, 04:37 PM IST

India vs New Zealand, Rishabh Pant on his poor batting performance in limited overs cricket: लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में अपनी खराब फॉर्म के लिये आलोचनाओं में घिरे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने बुधवार को इस बात का जवाब देते हुए कहा कि सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका प्रदर्शन इतना भी बुरा नहीं है।

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रिषभ पंत (AP)

सीमित ओवर के क्रिकेट में अपनी खराब फॉर्म के लिये आलोचनाओं में घिरे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने बुधवार को कहा कि सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका प्रदर्शन इतना भी बुरा नहीं है। पंत इस साल सीमित ओवर के क्रिकेट में खराब फॉर्म में हैं, उन्होंने छोटे प्रारूप में केवल एक अर्धशतक जड़ा है और वो भी फरवरी में वेस्टइंडीज के खिलाफ। वह 2022 में खेली गयी 21 पारियों में केवल दो ही बार 30 रन का आंकड़ा पार कर पाये हैं।

वनडे में 25 साल के खिलाड़ी ने इस साल नौ पारियां खेली हैं जिसमें दो अर्धशतक और एक शतक शामिल है। पंत ने बुधवार को यहां तीसरे और अंतिम वनडे से पहले आधिकारिक प्रसारक प्राइम वीडियो से कहा, ‘‘ये आंकड़े महज एक संख्या ही तो हैं। सफेद गेंद में मेरे रनों की संख्या इतनी बुरी भी नहीं है।’’ वहीं अगर तुलना की जाये तो पंत का टेस्ट प्रारूप में प्रदर्शन शानदार रहा है जिसमें उन्होंने इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में शतक जड़े हैं।

पंत ने कहा कि वह अपने करियर के इस मोड़ पर तुलना में भरोसा नहीं करते हैं। नाराज दिखे पंत ने कहा, ‘‘इस समय तुलना का कोई मतलब नहीं है, मेरी उम्र महज 24-25 साल है। अगर आप तुलना करना चाहते हो तो जब मैं 30-32 साल का हूंगा तब कर सकते हो। इससे पहले मेरे लिये तुलना का कोई मतलब नहीं है। ’’ मौजूदा श्रृंखला के उप कप्तान पंत ने बुधवार को तीसरे और अंतिम वनडे में महज 10 रन बनाये।

सीमित ओवर के क्रिकेट में वह किस स्थान पर बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे तो पंत ने कहा, ‘‘मैं टी20 अंतरराष्ट्रीय में पारी का आगाज करना पसंद करूंगा, वनडे में चौथे-पांचवें नंबर पर खेलना चाहूंगा और टेस्ट में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहा हूं। हां, जब आप निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हो तो रणनीति बदल जाती है लेकिन साथ ही आपको उसी स्थान पर बल्लेबाजी करनी पड़ती है जिस पर टीम चाहती है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘वनडे में आपको पहले से रणनीति बनाने की जरूरत नहीं होती है जबकि टी20 में आपको ऐसा करना होता है।’’

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