लाहौर: पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का लगातार तीसरे साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के साथ टकराव होगा क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने गुरुवार को पुष्टि की कि उसकी प्रमुख टी20 प्रतियोगिता के 12वें सत्र का आयोजन 18 मार्च से दो मई तक किया जाएगा। पीसीबी ने एक सितंबर को लंदन में हुई पीएसएल संचालन परिषद की बैठक में आठों फ्रेंचाइजी के मालिकों और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद प्रतियोगिता की तारीखें तय कीं।
लगातार तीसरी बार तारीखों में टकराव
पीएसएल की नई तारीखें एक बार फिर आईपीएल से टकरा रही है जिसका आयोजन पारंपरिक रूप से इसी अवधि के आसपास होता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और अन्य आयोजन के कारण पीसीबी ने 2025 में पीएसएल की तारीखें फरवरी-मार्च से बदल दी थी जिसके परिणामस्वरूप दोनों लीग एक ही समय पर आयोजित हुई थीं।
शेड्यूल और वेन्यू का होगा बाद में ऐलान
पीसीबी ने कहा कि कार्यक्रम, आयोजन स्थलों और टिकटों से जुड़ी जानकारी बाद में घोषित की जाएगी। अगले चरण की तैयारियों में सीधे खिलाड़ियों से करार, खिलाड़ियों को बरकरार रखना, ट्रेड विंडो और खिलाड़ियों की नीलामी शामिल होगी। बोर्ड ने हाल में तीनों प्रारूपों में अपने 25 मैच वाले घरेलू अंतरराष्ट्रीय सत्र के प्रसारण अधिकार 350 करोड़ रुपये में बेचे थे जो उसकी कथित शुरुआती मांग 600 करोड़ रुपये से काफी कम है।़
विदेशी खिलाड़ियों को लेकर फिर होगी खींचतान
आईपीएल और पीएसएल की तारीखों में टकराव का असर विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता पर पड़ता है। पिछले कुछ सालों से देखने को मिला है कि खिलाड़ी पाकिस्तान सुपर लीग का कॉन्ट्रैक्ट बीच सीजन तोड़कर आईपीएल में खेलते नजर आए। वित्तीय लाभ और ब्रांड वैल्यू के कारण आईपीएल को विदेशी खिलाड़ियों ने प्राथमिकता दी। ऐसे में पीसीबी ने कई विदेशी खिलाड़ियों के पीएसएल में खेलने पर पाबंदी लगा दी थी। ऐसा ही एक बार फिर नए सीजन में देखने को मिल सकता है।
(भाषा)
