बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान की गीदड़भभकी, भारत में T20 वर्ल्ड कप मैच खेलने पर उगला जहर
- Authored by: उमेश कुमार
- Updated Jan 19, 2026, 01:46 PM IST
टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में आईसीसी, मेजबान भारत और टूर्नामेंट तीनों के लिए अच्छी खबर नहीं है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 2026 टी20 विश्व कप में बांग्लादेश की भागीदारी की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है और कहा है कि अगर बांग्लादेश क्रिकेट टीम से जुड़ी चिंताएं अनसुलझी रहती हैं तो वे टीम की भागीदारी के फैसले पर पुनर्विचार करेंगे।
ICC और BCB के बीच आया PCB, फाइल फोटो
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच का विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि अब इस लड़ाई में पाकिस्तान भी कूद पड़ा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि अगर बांग्लादेश की समस्या का हल नहीं होता है तो वह टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की योजना की समीक्षा करेगा।
दरअसल, पाकिस्तान यह गीदड़भभकी इसलिए दे रहा है क्योंकि कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपनी समस्या के हल के लिए पाकिस्तान से मदद मांगी। Geo न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी द्वारा भारत से बाहर बांग्लादेश के मैच स्थानांतरित करने से इनकार करने के बाद BCB ने PCB से मदद की गुहार लगाई थी।
BCCI और BCB के बीच छिड़ी है रार
कुछ महीने पहले मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाने के बाद, बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार कर दिया। ICC और BCB के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद, बीसीबी और आईसीसी के बीच गतिरोध बना हुआ है। इसी गतिरोध के बीच बांग्लादेश के मैच की मेजबानी का प्रस्ताव पाकिस्तान ने दिया था।
आयरलैंड को ICC ने दी है जबान
हाल ही में बीसीबी ने आईसीसी से ग्रुप बी में आयरलैंड के साथ उनकी अदला-बदली करने का अनुरोध किया था, जिससे उनके मैच स्वतः ही भारत से बाहर चले जाएंगे। क्योंकि आयरलैंड के ग्रुप चरण के मैच श्रीलंका में खेले जाने हैं, लेकिन खबरों के अनुसार, आईसीसी ने आयरलैंड क्रिकेट को आश्वासन दिया है कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
टी20 विश्व कप 7 फरवरी से शुरू हो रहा है और कार्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव करने के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है। आईसीसी और बीसीबी इस सप्ताह बातचीत के अंतिम दौर में शामिल होंगे और जल्द ही कोई फैसला आने की उम्मीद है। अगर बीसीबी अपने रुख पर अडिग रहती है तो आईसीसी विपक्षी टीम को वॉकओवर दे सकती है, लेकिन पीसीबी के हालिया घटनाक्रम ने मामले को और जटिल बना दिया है।