वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर पहली बार पाकिस्तान सरकार की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि टीम भेजने से पहले सरकार सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो जाना चाहती है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि वह अपनी टीम के वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर सुरक्षा संबंधी चीजों का मूल्यांकन करेगी। यह पाकिस्तान सरकार की तरफ से पहली सार्वजनिक बयान है। यही कारण है कि अब तक आईसीसी वर्ल्ड कप के कार्यक्रमों की घोषणा नहीं की गई है। बीसीसीआई द्वारा आईसीसी को भेजे गए ड्राफ्ट शेड्यूल पर पाकिस्तान को छोड़कर सभी देशों ने हामी भर दी है। पीसीबी को वेन्यू को लेकर कुछ समस्या है जिस कारण यह पेंच अब तक फंसा है।
पाकिस्तान सरकार की स्वीकृति जरूरी
वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम की भागीदारी पूरी तरह से इस बात पर टिकी है कि वहां की सरकार इस पर क्या सोचती है? इसको लेकर पीसीबी ने आईसीसी को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में कहा गया है कि इस बात का फैसला पूरी तरह से सराकार पर निर्भर है।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय का बयान
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की प्रवक्त मुमताज जहरा बलोच ने मीडिया रिलीज में कहा, हमें भारत के प्रधानमंत्री की ओर से वर्चुअल मीटिंग के लिए इन्विटेशन मिला है। यह मीटिंग 4 जुलाई को होनी है। वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर फैसला इसी के दौरान किया जाएगा।
2016 में भारत आई थी पाकिस्तान टीम
आखिरी बार पाकिस्तान की टीम साल 2016 में भारत आई थी। तब पाकिस्तान टीम टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने आई थी। राजनीतिक गतिरोध के चलते दोनों टीम केवल आईसीसी इवेंट में ही खेलती है। ईएसपीएन क्रिकइंफो के अनुसान वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत 5 अक्टूबर से होगी, जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा मैच 15 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित है।
