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'माही भाई का मेरे करियर पर गहरा प्रभाव रहा है', तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने बताया कैसे धोनी से जुड़कर वो निखर गए

Mohit Sharma On MS Dhoni: पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने बयां किया है कि कैसे धोनी ने उनके क्रिकेट करियर पर गहरा प्रभाव डाला और सब कुछ बदलता चला गया। जानिए उन्होंने क्या कुछ बताया।

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मोहित शर्मा ने बताया कैसे धोनी ने बदल डाला उनका करियर (Instagram/Mohitsharma18)

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने महान पूर्व कप्तान एमएस धोनी की कप्तानी में खेलने के अपने अनुभव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि पूर्व भारतीय कप्तान की हालात को समझने की बेहतरीन समझ और खिलाड़ियों की खूबियों और कमियों को पहचानने की काबिलियत का उनके करियर पर बहुत बड़ा असर पड़ा।

मोहित ने भारत और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) दोनों के लिए धोनी की कप्तानी में काफी समय बिताया। उन्होंने कहा कि वे खुशकिस्मत थे कि उनके इंटरनेशनल करियर के ज़्यादातर समय में यह अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज उनके कप्तान रहे।

मोहित शर्मा ने ANI से कहा, "माही भाई की कप्तानी में खेलना बहुत अच्छा अनुभव था। मैं खुशकिस्मत था कि भारत के लिए खेले गए ज़्यादातर क्रिकेट के दौरान माही भाई ही कप्तान थे। जब आप लंबे समय तक एक ही कप्तान के अंडर खेलते हैं, तो वे आपकी खूबियों और कमियों को समझ जाते हैं और उसी हिसाब से आपका इस्तेमाल करते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "तो हां, मैं खुशकिस्मत था कि उनके अंडर इतना क्रिकेट खेला। फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट में भी मैं उस टीम का हिस्सा था जिसके कप्तान माही भाई थे। यह एक शानदार अनुभव था। मेरे करियर पर उनका बहुत बड़ा असर रहा है और इसके लिए मैं दिल से उनका शुक्रगुज़ार हूं।"

धोनी क्रिकेट के सबसे कामयाब कप्तानों में से एक हैं। उन्होंने सभी फॉर्मेट में रिकॉर्ड 332 इंटरनेशनल मैचों (60 टेस्ट, 200 वनडे और 72 T20I) में भारत की कप्तानी की और 178 मैच जीते। साथ ही, वे इतिहास के इकलौते ऐसे भारतीय कप्तान हैं जिन्होंने ICC की तीनों बड़ी लिमिटेड-ओवर्स ट्रॉफियां जीती हैं - 2007 T20 वर्ल्ड कप, 2011 ICC मेन्स वनडे वर्ल्ड कप और 2013 ICC चैंपियंस ट्रॉफी। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में, धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की जान बनकर एक शानदार विरासत बनाई। उन्होंने 235 मैचों में टीम की कप्तानी की, जिसमें 136 जीत, 97 हार और 2 मैच बिना किसी नतीजे के रहे। उनकी कप्तानी में टीम 10 बार फाइनल में पहुंची और 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में 5 IPL खिताब जीते। साथ ही, उन्होंने 2010 और 2014 में दो चैंपियंस लीग T20 खिताब भी जीते।

धोनी दूसरे कप्तानों से कैसे अलग हैं

जब मोहित से पूछा गया कि धोनी दूसरे कप्तानों से कैसे अलग हैं, तो उन्होंने कहा कि वह लीडर्स की तुलना करना पसंद नहीं करते, लेकिन उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान की हालात को समझने और समस्याओं के अलग-अलग समाधान खोजने की काबिलियत पर ज़ोर दिया।

पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज ने कहा, "देखिए, मेरा मानना है कि हर कप्तान अपने आप में खास होता है। किसी एक को चुनना अक्सर नतीजों से जोड़कर देखा जाता है। आम तौर पर, हर व्यक्ति अलग होता है; वे अपने खिलाड़ियों को अपने तरीके से संभालते हैं। मेरी नज़र में, जो बात उन्हें सबसे अलग बनाती थी, वह थी हालात की गहरी समझ। उनमें यह समझ असाधारण है।"

मोहित ने आगे कहा, "अक्सर, किसी समस्या का आपके पास सिर्फ एक ही समाधान हो सकता है, लेकिन कुछ लोग उसी सवाल को हल करने के तीन अलग-अलग तरीके निकाल सकते हैं। माही भाई हालात के हिसाब से बहुत समझदारी से काम करते हैं। दूसरे खिलाड़ी और कप्तान भी ऐसा ही करते हैं। मुझे तुलना करना पसंद नहीं है क्योंकि हर किसी का अपना तरीका होता है। सबके लिए बात एक ही है: वे सभी टीम के लिए मैच जीतना चाहते हैं। हो सकता है कि एक व्यक्ति अपना कान इस तरह से पकड़े और दूसरा उसे पीछे से पकड़े, लेकिन आखिरी मकसद एक ही रहता है।"

मोहित ने चैंपियंस लीग T20 और IPL में CSK की लगातार सफलता का श्रेय टीम के माहौल को भी दिया। उन्होंने कहा कि ऑर्गनाइज़ेशन की सोच सिर्फ मैदान पर किए गए प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं है। मोहित ने कहा, "CSK एक बहुत बड़ा ब्रांड है, है ना? एक बहुत बड़ा ब्रांड, और यह उनके खेलने के तरीके में भी दिखता है। एक बेहतरीन टीम बनाने के लिए कई चीजें मिलकर काम करती हैं। अगर मुझे सबसे ज़्यादा श्रेय देना हो, तो मैं टीम के माहौल को दूंगा."

CSK का ड्रेसिंग रूम

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़, जिन्होंने CSK के साथ चार-पांच साल बिताए, ने कहा कि ड्रेसिंग रूम के अंदर मज़बूत रिश्ते बनाने पर फ्रैंचाइज़ी का ज़ोर ही उसकी सफलता की मुख्य वजह रही है। मोहित ने कहा, "CSK का फोकस हमेशा ऐसे ग्रुप को बनाने पर रहा है जहां लोग सच में अच्छे इंसान हों—जहां सबकी सोच एक जैसी हो और सब मिलकर सबके विकास के लिए काम करें। CSK के साथ चार-पांच साल बिताने के बाद, मैंने जो सबसे अच्छी बात देखी—चाहे आप माही भाई की बात करें या पूरे मैनेजमेंट स्टाफ़ की, जिसमें स्टीफन फ्लेमिंग, फ़िज़ियो, ट्रेनर और बाकी सभी शामिल हैं—वह थी उनकी एक जैसी सोच: पहले ड्रेसिंग रूम जीतो, फिर बाहर जाकर मैदान पर जीतो।"

उन्होंने कहा, "जब तक आप ड्रेसिंग रूम का भरोसा नहीं जीतते, तब तक आप जीत वाला माहौल नहीं बना सकते। हो सकता है कि दूसरी फ्रेंचाइजी में इसी सोच की कमी हो, और शायद इसीलिए उन्हें वैसी लगातार सफलता नहीं मिल पाती जैसी CSK को मिली है। यह मेरा नज़रिया है। जब आप किसी चीज़ पर सवाल उठाते हैं, तो आप पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते, लेकिन मेरा पक्का मानना है कि CSK की मुख्य सोच हमेशा मैच जीतने से पहले ड्रेसिंग रूम का भरोसा जीतने की रही है। उनका मुख्य मकसद ड्रेसिंग रूम के माहौल को जितना हो सके उतना अच्छा बनाए रखना होता है।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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