21 जून 1975, एक ऐसी तारीख जब वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबला खेला गया था। इस मैच में दोनों टीम ने अपना बेस्ट प्रदर्शन दिया था, लेकिन क्वाइव लॉयड की वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों फील्डों में मात दी थी। लॉर्ड्स में खेले गए वर्ल्ड कप के इस पहले फाइनल मैच में वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीता था या यूं कहें कि ये वेस्टइंडीज की बादशाहत की शुरुआत थी।
वेस्टइंडीज की बल्लेबाज
वेस्टइंडीज ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए क्लाइव लॉयड के विस्फोटक 102 रन की पारी के दम पर 8 विकेट के नुकसान पर 291 रन बनाए थे। लॉयड के अलावा रोहन कन्हय ने 55 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से गैरी गिलमौर ने 48 रन देकर 5 विकेट झटके थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम केवल 274 रन ही बना सकी थी। ऑस्ट्रेलिया को लगातार दो रन आउट का खामियाजा भुगतना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से इयान चैपल ने सर्वाधिक 62 रन की पारी खेली। इनके अलावा एलन टर्नर ने 40 और डॉ वॉल्टर्स ने 35 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की ओर केथ वॉयस ने 4 विकेट झटके।
