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IND vs AUS: करियर का 100वां टेस्ट खेलने से पहले पुजारा ने कहा, पूरा करना चाहते हैं ये सपना

  • Authored by: नवीन चौहान
  • Updated Feb 16, 2023, 02:07 PM IST

टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने करियर का 100 टेस्ट मैच खेलने से पहले बताया क्या है उनका सपना? मैदान पर हासिल करना चाहते हैं कौन से लक्ष्य?

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चेतेश्वर पुजारा और राहुल द्रविड़(साभार BCCI)

Photo : Twitter

नई दिल्ली: टीम इंडिया की सीनियर खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करियर का 100वां टेस्ट मैच खेलने मैदान पर उतरेंगे। पुजारा ने साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरू में एमएस धोनी की कप्तानी में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी और अब रोहित शर्मा कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ करियर का 100वां टेस्ट खेलने जा रहे हैं।

कभी नहीं सोचा था खेलूंगा 100 टेस्टपुजारा को उतार-चढ़ाव भरे करियर में इस मुकाम तक पहुंचने में 13 साल लंबा वक्त लग गया। ऐसे में मैच की पूर्व संध्या पर प्रेस से मुखातिब होने आए पुजारा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वो करियर में 100 टेस्ट मैच खेलने में सफल होंगे। पुजारा ने कहा, जब मैंने अपना टेस्ट डेब्यू किया था उस वक्त मैंने नहीं सोचा था कि मैं 100 टेस्ट मैच खेलने में सफल होउंगा। मैं हमेशा वर्तमान में रहना पसंद करता हूं भविष्य के बारे में या कहें आगे के बारे में ज्यादा नहीं सोचता हूं। इस सीरीज की शुरुआत से पहले ही 100वां टेस्ट मैच खेलने का ख्याल मेरे जेहन में आया। आपके करियर में कई तरह के उतार चढ़ाव आते हैं और आपको उन सभी से जूझना होता है।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन बनना है सपना

भारत के लिए 100 या उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले 13वें भारतीय खिलाड़ी बनने जा रहे पुजारा ने कहा, करियर में अभी भी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। मैं 100वां टेस्ट मैच खेलने के लिए बेहत उस्ताहित हूं लेकिन इस बात का भी ख्याल है कि हम एक बेहद अहम सीरीज खेल रहे हैं। इसलिए आशा करता हूं कि इसमें और इसके बाद के मैच में जीत दर्ज करके हम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेंगे। मेरा सपना आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतना है। ये सपना हम पिछली बार नहीं पूरा नहीं कर सके थे। आशा करता हूं कि हम इस बार फाइनल में अपनी जगह पक्की करके खिताब जीतने की राह में आगे बढ़ेंगे।'

पिता और परिवार को दिया सफलता का श्रेय

100वां टेस्ट खेलने से पहले पुजारा ने अपनी सफलता और इस मुकाम तक पहुंचने का श्रेय पिता अरविंद पुजारा को दिया। पुजारा ने अपने परिवार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, एक क्रिकेट खिलाड़ी के जीवन में परिवार का साथ बहुत जरूरी होता है। मैं अपने परिवार, दोस्तों और प्रशिक्षकों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने करियर में मुझे यहां तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की है।'

संयम ऐसे ही नहीं आ जाता, इसके लिए...

पुजारा ने अंत में कह, संयम अपने आप नहीं आता आपके इसके लिए मानसिक तौर पर मजबूत बनना पड़ता है। मैंने जूनियर स्तर पर रन बनाए, इसके बाद एक ग्रुप क्रिकेट में। आपको ध्यान केंद्रित करके लगातार कठिन परिश्रम करना पड़ता है तभी सफलता मिलती है।'
नवीन चौहान
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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